नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बाद अब रिश्तों में नरमी के संकेत मिल रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार चीन से आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) पर लगे प्रतिबंधों को आंशिक रूप से हटाने पर विचार कर रही है।
अमेरिका की वजह से भारत-चीन नजदीक
अमेरिका द्वारा चीन पर लगाए गए 145% टैरिफ और उसके जवाब में चीन द्वारा लगाए गए 125% टैरिफ के बाद वैश्विक व्यापार समीकरण बदल गए हैं। इस तनाव के बीच भारत और चीन आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं।
प्रेस नोट 3 पर पुनर्विचार संभव
गलवान घटना (2020) के बाद सरकार ने FDI को लेकर प्रेस नोट 3 के तहत सख्त नियम लागू किए थे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इन नियमों में बदलाव किया जा सकता है। नीति आयोग ने हाल ही में 24% तक के निवेश के लिए अनिवार्य पूर्व अनुमोदन हटाने की सिफारिश की थी।
रिश्तों में सुधार के संकेत
पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच मंत्रियों और अधिकारियों की द्विपक्षीय यात्राएँ बढ़ी हैं। सीधी उड़ानों की बहाली, पर्यटन में वृद्धि और सीमा विवादों पर बातचीत ने रिश्तों को सहज बनाने में मदद की है।
आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिबंधों में ढील से भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में शामिल होने और निर्यात बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए सरकार बेहद सतर्कता से निर्णय लेगी।
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