अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से फोन पर वार्ता की। इस दौरान पुतिन ने ट्रम्प को दो टूक कहा कि यूक्रेनी ड्रोन हमले बर्दाश्त के बाहर हैं और रूस इनका करारा जवाब देगा। 75 मिनट लंबी इस वार्ता का केंद्र यूक्रेन द्वारा रूस के हवाई अड्डों पर हुए हमले रहे। ट्रम्प ने जानकारी देते हुए वार्ता को अच्छी लेकिन शांति की ओर तुरंत नहीं ले जाने वाली बताया। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘टूथ सोशल’ पर पोस्ट करके इस बातचीत की जानकारी दी।
ट्रंप ने लिखा कि हमने यूक्रेन द्वारा रूस के खड़े हुए सैन्य विमानों पर हुए हमले और दोनों पक्षों के बीच हालिया हमलों पर चर्चा की। राष्ट्रपति पुतिन ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि हवाई अड्डों पर हुए हमले का जवाब उन्हें देना होगा। हमने ईरान पर भी चर्चा की, खासतौर पर परमाणु हथियारों को लेकर उसकी देरी होती निर्णय प्रक्रिया पर। मैंने पूतिन से साफ कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुतिन ने इस पर सहमति जताई और संकेत दिए कि वह ईरान के साथ वार्ता में शामिल होकर इस मुद्दे को हल करने की कोशिश करेंगे।
यूक्रेनी हमले में रूस को काफी नुकसान पहुंचा है
गौरतलब है कि यूक्रेन ने पाँच प्रमुख रूसी एयरबेसों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं। यूक्रेनी हमले में रूस को काफी नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि इस अटैक में 40 से अधिक रूसी विमान नष्ट हो गए हैं। ये हमले, मरमंस्क, इरकुत्स्क, इवानोवो, रियाज़ान और अमूर क्षेत्रों में सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया। ये रूसी क्षेत्र के अंदर सबसे महत्वाकांक्षी यूक्रेनी हमलों में से एक है। ट्रंप ने युद्ध को जल्द खत्म कराने की बार-बार बात कही और यहां तक कहा कि वह शपथ लेने से पहले इसे पूरा कर लेंगे, लेकिन हाल के हफ्तों में उन्होंने पुतिन के साथ धैर्य खो दिया, सार्वजनिक रूप से उनसे लड़ाई बंद करने की अपील की।
यह 19 मई के बाद से पुतिन के साथ ट्रंप की पहली ज्ञात बातचीत थी। ट्रंप के अनुसार, इस दौरान उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी चर्चा की। यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप ने जेलेंस्की से भी बात करने की योजना बनाई है या नहीं। व्हाइट हाउस ने बुधवार दोपहर को इससे संबंधित संदेश का जवाब नहीं दिया। जेलेंस्की ने रूसी योजना को खारिज किया और बातचीत के लिए दबाव डाला। यूक्रेनी नेता ने बुधवार को रूस की युद्ध विराम योजना को एक अल्टीमेटम बताकर खारिज कर दिया और युद्ध पर गतिरोध को तोड़ने के लिए पुतिन के साथ सीधी बातचीत के लिए अपने आह्वान को दोहराया।
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