ब्रिटेन में एक बार फिर कजन मैरिज यानी चचेरे भाई-बहनों के बीच शादी को लेकर विवाद गहराता दिख रहा है। कट्टरपंथी कार्यकर्ता टॉमी रॉबिन्सन ने इस मुद्दे पर एक वीडियो जारी कर पाकिस्तानी समुदाय को निशाने पर लिया। उनका दावा है कि ब्रिटेन में जन्म दोष (बर्थ डिफेक्ट) के मामलों में इस समुदाय की बड़ी भूमिका है।
टॉमी रॉबिन्सन का दावा और उठा विवाद
रॉबिन्सन ने कहा कि ब्रिटेन में रहने वाले 76% पाकिस्तानी अपने पहले चचेरे भाई या बहन से शादी करते हैं। जबकि देश की कुल आबादी में पाकिस्तानी केवल 3% हैं, लेकिन बर्थ डिफेक्ट के 33% मामलों में उनका योगदान है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कजन मैरिज के चलते पाकिस्तानी बच्चों में मानसिक मंदता और जेनेटिक बीमारियां बढ़ रही हैं।
उनके इस बयान के बाद ब्रिटेन में बहस तेज हो गई। कुछ लोग उनके समर्थन में उतरे तो कई ने इसे समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत फैलाना बताया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई कजन मैरिज से बच्चों में बीमारियां होती हैं?
एक्सपर्ट्स की राय: बढ़ जाता है जेनेटिक रिस्क
विशेषज्ञों के मुताबिक, दुनिया के कई देशों में कजन मैरिज वैध है, खासकर इस्लामिक देशों में। शरीयत कानून के तहत चचेरे भाई-बहनों के बीच शादी को मंजूरी दी गई है। हालांकि, विशेषज्ञ चेताते हैं कि ऐसे विवाह से पैदा होने वाले बच्चों में जेनेटिक डिसऑर्डर का खतरा दोगुना हो जाता है।
भले ही ब्लड ग्रुप अलग हों, लेकिन एक ही परिवार के जीन्स होने से रिसेसिव और डॉमिनेंट जेनेटिक बीमारियां ज्यादा पाई जाती हैं। इनमें थैलेसीमिया, माइक्रोसेफली और मानसिक असमान्यताएं आम हैं।
किन देशों में होती है सबसे ज्यादा कजन मैरिज?
इस्लामिक देशों में कजन मैरिज सबसे ज्यादा होती है। वर्ल्ड पॉपुलेशन डेटा के अनुसार, पाकिस्तान इस मामले में पहले स्थान पर है जहां 61.2% शादियां कजन के बीच होती हैं। दूसरे नंबर पर कुवैत (54.3%), इसके बाद कतर, यूएई, सूडान, अफगानिस्तान और दक्षिणी सूडान का नाम आता है।
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