नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया कार्यालय विजय चौक के पास ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में बनकर लगभग तैयार है। माना जा रहा है कि इसी महीने पीएम अपने नए दफ्तर से कामकाज शुरू कर सकते हैं। इसी इलाके में प्रधानमंत्री का नया आवास भी बन रहा है, जहां वे भविष्य में शिफ्ट होंगे। सत्ता के केंद्र का यह बदलाव ऐतिहासिक है, लेकिन यह पहली बार नहीं है जब देश के प्रधानमंत्री का पता बदलने जा रहा है।
आजादी के बाद के शुरुआती आवास
भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का आधिकारिक निवास ‘तीन मूर्ति भवन’ था। ब्रिटिश काल में यह सेना के कमांडर-इन-चीफ का घर हुआ करता था। नेहरू के निधन के बाद 1964 में इसे संग्रहालय में बदल दिया गया। दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ’10 जनपथ’ में रहे। वहीं, इंदिरा गांधी सफदरजंग रोड स्थित एक बंगले में रहती थीं, जहां 1984 में उनकी हत्या हुई। बाद में इसे भी स्मारक बना दिया गया।
कैसे बना 7 रेस कोर्स रोड पीएम का स्थायी पता?
वर्तमान में पीएम आवास ‘7 लोक कल्याण मार्ग’ (पहले 7 रेस कोर्स रोड) है। 1940 के दशक में यहां घुड़दौड़ क्लब हुआ करता था। 1984 में राजीव गांधी पहले पीएम बने जो यहां स्थायी रूप से रहने आए। 1990 में वी.पी. सिंह ने इसे औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास घोषित किया। तब से अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और अब नरेंद्र मोदी यहीं रह रहे हैं।
सादगी और सुरक्षा का संगम: वर्तमान परिसर
लुटियंस दिल्ली में स्थित यह परिसर 12 एकड़ में फैला है और इसमें पांच बंगले (नंबर 1, 3, 5, 7 और 9) शामिल हैं। इसे 1920-30 के दशक में ब्रिटिश वास्तुकार रॉबर्ट टोर रसेल ने डिजाइन किया था। यह परिसर अपनी भव्यता के बजाय सादगी और हरियाली के लिए जाना जाता है। बंगला नंबर 5 पीएम का निजी आवास है, जबकि नंबर 7 उनका कार्यालय है। परिसर में एसपीजी क्वार्टर, गेस्ट हाउस और 2003 से एक हेलीपैड भी मौजूद है। अब ‘सेवा तीर्थ’ बनने के बाद पीएम का आवास और कार्यालय एक ही अति-सुरक्षित परिसर में आ जाएगा।
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस




