खबर संसार, नई दिल्ली: आखिर क्यों ? Varun गांधी से नराज हो गए मोदी व अमित शाह। भारतीय राजनीति के जाने-माने भाजपा नेता वरुण गांधी जिनकी गिनती प्रतिभाशाली नेताओं में की जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि प्रधानमंत्री मोदी व गृहमंत्री अमित शाह वरुण से क्यों नाराज हो गए और वरुण गांधी पर गाज गिर गई।
गांधी परिवार की बहू मेनका गांधी ने इंदिरा गांधी के रहते ही भाजपा के साथ राजनीति में कदम रखा था। मेनका गांधी के बाद उनके पुत्र Varun गांधी ने भी भाजपा के साथ कदम से कदम मिलाकर भारतीय राजनीति में प्रवेश किया और बड़े नेताओं में शामिल हो गए।
जब बड़ी Varun गांधी व भाजपा में तकरार
साल 2014 में वरुण गांधी को भाजपा महासचिव और पश्चिम बंगाल का प्रभारी बनाया गया था। यहां मोदी की एक विशाल सभा की गई थी। पार्टी नेताओं का मानना था कि लगभग 2 लाख लागों की भीड़ थी, लेकिन वरुण गांधी ने कहा था कि वहां पर सिर्फ 40 से 50 हजार लोग ही रैली में आए थे।
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इस बयान के बाद ही Varun गांधी पर गाज गिरी। फिर जब 2014 में भाजपा की नरेंद्र मोदी की सरकार बनी तो मेनका गांधी करे कैबिनेट में जगह मिली। भाजपा का मनना है कि एक परिवार से एक को मंत्री पद मिलेगा, और वरुण गांधी को भाजपा महासचिव पद से हटा दिया गया। इसके बाद से ही वरुण और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच दूरी बढ़ती चली गई।
इस वजह से वरुण व मेनका को कैबिनेट में नहीं मिली जगह
2019 में जब भाजपा की सरकार बनी तो कयास लगाए जा रहे थे कि मेनका गांधी व वरुण गांधी में एक को कैबिनेट में जगह जरूर मिलेगी, लेकिन इन लोगों मेें किसी एक को भी मंत्री पद नहीं मिला।
मेनका गांधी से इस पर जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि हर सांसद को मंत्री पद नहीं मिल सकता है। जो कि यह प्रधानमंत्री मजबूरी भी हो सकती है। मैं इस निर्णय का स्वागत करती हूं। शायद वरुण की नाराजगी की वजह यह भी हो सकती है।
