खबर संसार, हल्द्वानी: आखिर क्यों खास है इस बार Ganesh Chaturthi, रहें सतर्क, सनातन धर्म में भगवान गणेश प्रथम पूज्यनीय माना गया है। इस बार गणेश चतुर्थी पर्व बड़े ही धूमधाम और बेहद उल्लास से मनाया जाएगा, क्योकि इस बार Ganesh Chaturthi पर मंगलकारी संयोग बन रहा है। जो 10 सितंबर को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। हर मनोकामना को पूर्ण करने वाले भगवान श्री गणेश को जन्मोत्सव के तौर पर ये पर्व मनाया जाता है।
बन रहा Ganesh Chaturthi पर विशेष संयोग
इस वर्ष Ganesh Chaturthi 10 सितंबर 2021 को कई शुभ संयोग के साथ बुध और मंगल कन्या राशि में युति करेंगे तथा शुक्र और चंद्रमा की युति तुला राशि में होगी. तुला राशि शुक्र की अपनी राशि है और शुक्र और चंद्रमा को महिला प्रधान ग्रह माना जाता है, इसलिए इन दोनों की युति इस भाव में होने से महिलाओं के लिए यह गणेश चतुर्थी अत्यंत शुभकारी है।
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पूजन का शुभ मुहूर्त
गणेश पूजन के लिए मध्याह्न मुहूर्त – 11ः 03 बजे से 13ः 33 बजे तक
यानि दो 2ः30 का शुभ महुर्त है।.
शुभ मुहूर्त अपराह्न 12ः18 बजे से चतुर्थी तिथि की समाप्ति रात 9ः57 बजे तक है.
समय जब चन्द्र दर्शन नहीं करना है- 09ः12 बजे से 20ः53 बजे तक
वाद-विवाद से रहें दूर
मंगल और बुध की युति बुध की राशि कन्या में होने से लोगों को बेकार के वाद-विवाद से दूर रहने की जरूरत है। जब मंगल की ऊर्जा जुबान रूपी बुध को मिलती है तो वह कड़वी हो जाती है और लोगों का मन भेदने लगती है, जिससे शत्रु उत्पन्न होते हैं और शरीर में भी विकार होने लगते हैं। भगवान गणेश को मौन का देवता माना गया है। उनकी वाणी भी बेहद मनमोहक और मधुर है। उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट रहती थी. इसलिए कम बोलिए और प्यार से बात कीजिए।
