अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी बेबाक और अक्सर आक्रामक राय के लिए जाने जाते हैं। सेलिब्रिटी से लेकर विदेशी नीति तक, ट्रंप किसी भी मुद्दे पर तुरंत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर प्रतिक्रिया देने से नहीं चूकते। लेकिन भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुई ऐतिहासिक India-EU Free Trade Agreement पर उनकी चुप्पी ने सबको हैरान कर दिया है।
‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ और अमेरिका की बेचैनी
27 जनवरी को पूरी हुई इस डील को ‘Mother of All Deals’ कहा जा रहा है। यह समझौता करीब 2 अरब लोगों के संयुक्त बाजार को जोड़ता है। खास बात यह है कि यह डील सीधे तौर पर ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को चुनौती देती नजर आती है। ट्रंप पहले भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर 50% टैरिफ और EU को ग्रीनलैंड मुद्दे पर चेतावनी दे चुके हैं।
तो फिर ट्रंप क्यों चुप हैं?
एक न्यूज एजेंसी ने इसे “Notable Silence” बताया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रंप जानबूझकर अभी कुछ नहीं बोल रहे हैं। संभव है कि वह आने वाले दिनों में कोई बड़ा कदम या बयान दें। लेकिन ट्रंप के पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए यह चुप्पी असामान्य मानी जा रही है।
सोशल मीडिया पर हमेशा एक्टिव रहते हैं ट्रंप
मई 2025 में ट्रंप ने बिना किसी बड़े कारण के पॉप स्टार टेलर स्विफ्ट पर टिप्पणी की थी। जनवरी 2025 में आधी रात को उन्होंने जनरल मार्क मिली और शेफ जोसे एंड्रेस पर हमला बोला। आंकड़ों के मुताबिक, ट्रंप अब तक 598 से ज्यादा लोगों और संस्थाओं पर सार्वजनिक रूप से तंज कस चुके हैं।
India-EU डील से भारत को फायदा?
अमेरिकी ट्रेड अधिकारी जैमीसन ग्रीर ने कहा है कि इस डील का झुकाव भारत की तरफ ज्यादा है। उनके मुताबिक, भारत को यूरोपीय बाजार में पहले से कहीं ज्यादा पहुंच मिलेगी, जिससे मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को बड़ा फायदा होगा।
आगे क्या बोलेगा ट्रंप?
फिलहाल ट्रंप की खामोशी ही सबसे बड़ा बयान बन गई है। अगर वह आगे कुछ कहते हैं, तो यह साफ हो जाएगा कि India-EU Free Trade Agreement वाकई अमेरिकी रणनीति के लिए कितनी बड़ी चुनौती है।
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