नई दिल्ली, 16 सितंबर 2025 – अमेरिका और भारत के बीच व्यापार वार्ता से पहले अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भारत को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि भारत अमेरिकी मक्का खरीदने से इनकार करता है, तो उसे अमेरिकी बाजार तक पहुंच खोनी पड़ सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं।
अमेरिकी मक्का खरीद पर सवाल
लुटनिक ने कहा कि भारत 1.4 अरब लोगों का देश है, फिर भी अमेरिकी मक्का नहीं खरीदता। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “1.4 अरब लोग एक बुशल अमेरिकी मक्का क्यों नहीं खरीद सकते?” गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने 0.97 मिलियन टन मक्का आयात किया, जिसमें म्यांमार (0.53 एमटी) और यूक्रेन (0.39 एमटी) की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा रही। अमेरिका से केवल सीमित मात्रा में मक्का खरीदा गया।
व्यापारिक रिश्तों में तनाव
लुटनिक ने भारत पर एकतरफा व्यापारिक संबंधों का आरोप लगाया। उनके अनुसार भारत अमेरिकी उत्पादों के लिए अपना बाजार सीमित करता है, जबकि अमेरिका भारतीय कंपनियों को खुला अवसर देता है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत से टैरिफ घटाने की मांग कर चुके हैं। लुटनिक के मुताबिक, यदि भारत अमेरिकी मॉडल नहीं अपनाता, तो उसे दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता बाजार तक पहुंचने में कठिनाई होगी।
भारत की चिंता: जीएम मक्का पर रोक
भारत अमेरिकी मक्का खरीदने से हिचकिचा रहा है क्योंकि वहां का अधिकांश उत्पादन आनुवंशिक रूप से संशोधित (जीएम) होता है। भारत खाद्य श्रृंखला में जीएम मक्का के प्रवेश को रोकने के लिए इसके आयात और स्थानीय खेती, दोनों पर प्रतिबंध लगाए हुए है। नीति आयोग द्वारा इथेनॉल उत्पादन के लिए जीएम मक्का की खेती का प्रस्ताव भी ठंडे बस्ते में जा चुका है। अमेरिका चाहता है कि भारत अपने बाजार को अमेरिकी मक्का के लिए खोले, लेकिन भारत की नीति और सुरक्षा चिंताएं इस राह में बाधा बनी हुई हैं। अब देखना होगा कि आगामी व्यापार वार्ता इस गतिरोध को कितना सुलझा पाती है।
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