खबर संसार, लखनऊ: mayawati का यूपी में चुनावी शंखनाद, बोलीं ये कानून लेंगे वापस, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अभी करीब 6 महीने का समय है, बसपा प्रमुख mayawati ने मंगलवार को प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में शिरकत कर आगामी विघानसभा चुनाव को देखते हुए चुनावी शंखनाद कर दिया। प्रदेश की सत्ता से दूर हुए मायावती सरकार को 10 साल हो चुके हैं। मायावती ने कहा कि इस बार बीएसपी 2007 वाली जीत दोहराएगी उन्होंने कहा कि इस बार बीएसपी 2007 वाली जीत दोहराएगी।
ब्राह्मणों को साधने जुटी mayawati
ऐसे में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने ब्राह्मणों को साधने की रणनीति के तहत अपना चुनावी शंखनाद किया है। सम्मेलन प्रदेश बसपा कार्यालय में 12 बजे से शुरू हुआ। बसपा सुप्रीमों mayawati ने किसानों के मसले पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि हमने अपनी सरकार में किसानों के लिए उचित खरीद दर रखी थी, बल्कि बीजेपी ने तबसे एक रुपया भी नहीं दिया।
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हिंदुओ और मुसलमानों के पूर्वज एक हैं तो बीजेपी रवैय्या अलग क्यों?
बसपा सुप्रीमो mayawati ने कहा कि मैं मोहन भागवत से पूछना चाहती हूं कि हिंदुओ और मुसलमानों के पूर्वज एक हैं तो आरएसएस, बीजेपी मुसलमानों के साथ दूसरा रवैय्या क्यों अपना रही है। मोहन भागवत से पूछना चाहती हूं कि RSS, BJP मुसलमानों के साथ सौतेला रवैया क्यों अपनाती है. मायावती ने कहा कि अगर हम बड़े प्रोग्राम करेंगे तो बीजेपी हमारे कार्यकर्ता नेताओं को झूठ मुकदमे लगाकर हमें फंसा देगी।
उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर को काशीराम की पुण्य तिथि है उस दिन हम लखनऊ में बड़ा कार्यक्रम करेंगे। और आगे भी जारी रखेंगे। कहा कि अगर यूपी में बसपा सरकार बनी तो हर वर्ग के महापुरुषों को सम्मानित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बसपा की ओर से बताया गया कि सभी 75 जिलों के सम्मेलन कोऑर्डिनेटरों को उनकी टीम के साथ बुलाया गया है। विधानसभा चुनाव 2022 में ब्राह्मणों को साधने के लिए बसपा ने ब्राह्मण सम्मेलनों का पूरे प्रदेश में आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक विधानसभा में 1000 ब्राह्मण कार्यकर्ता तैयार करने हैं, और इसके लिए हमारे कार्यकर्ताओं को जुटना होगा।
