खबर संसार, नई दिल्लीः कोरोना से ठीक हुए मरीजों को गंजेपन baldness की समस्या, कोरोना से जो मरीज ठीक हो चुके हैं उनको अब एक नई समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नई दिल्ली (एम्स) अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ने कोरोना से संक्रमित हो चुके लोगों पर एम्स के वरिष्ठ डाक्टरों ने अध्ययन किया है। इस अध्ययन में उन्होंने पाया कि 28 फीसदी लोग गंजेपन baldness की समस्या से जूझ रहे हैं। उनके बाल लगातार झड रहे हैं।
1801 लोगों पर किया गया अध्ययन
एम्स डॉक्टरों की एक टीम ने कोरोना से रिकवर हुए कुल 1801 लोगों पर अध्ययन किया। इनमें 28 फीसदी को बाल झड़ने baldness की समस्या हो गई है। कोरोना से ठीक हुए लोगों में इसके अलावा भी कई अन्य लक्षण मौजूद हैं। 25 फीसदी लोगों को नींद न आने की समस्या हो रही है। 27 फीसदी लोगों की सिरदर्द, 14 फीसदी लोगों को याददाश्त कम होने की शिकायत मिल रही है।
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baldness के साथ त्वचा संबंधित बढ़े मरीज
जो मरीज कोरोना से ठीक हो चुके हैं। उन्हें baldnessके साथ सांस लेने और थकावट के कई मामले भी सामने आ रहे हैं। त्वचा संबंधी समस्याएं भी लगातार बढ़ी हैं। त्वचा का रंग भी लगातार बदल रहा हैं। शरीर में लाल चकत्ते के निशान लागातार पडने समस्या बनी हुई है। जिससे त्वचा का रंग भी बदल रहा है। लोगों में रक्तचाप की समस्या भी बढ़ी है, और लोगों में तेजी से वजन कम होने की समस्या भी बढ़ी है।
वैक्सीन लेने के बाद राहत
अध्ययन के मुताबिक मरीजों में जब से कोरोना का टीका लगा है तब से डोज लगवा चुके 45 प्रतिशत लोगों में ये लक्षण धीरे धीरे कम हुए हैं कोरोना से स्वस्थ होने के पहले महीने तक मरीजों में लक्षण काफी गंभीर थे, लेकिन वैक्सीन लेने के बाद दो से तीन महीने में यह लक्षण कम होते गए।



