भोपाल, खबर संसाार। भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा (Sadhvi Pragya) ने कांग्रेस नेताओं पर विवादित बयान दिया है। सांसद साध्वी ने ‘श्राप कांड’ को फिर दोहराया है। उन्होंने बयान दिया है कि ‘किसी ने कहा था की साध्वी का पुतला न जलाओ उसे जिन्दा जला दो, वह व्यक्ति खुद ही मर गया हम श्राप नहीं देते’।
‘महिला की इज्ज़त कुछ लोगों को करना नहीं आता। बहन स्वरूप प्रत्याशी के बालों में कीड़ा लगा था। मंत्री ने निकाला तो मंत्री को बदनाम कर रहे हैं। मातृ शक्ति को बदनाम करने वाले सड़-सड़ कर मरेंगे’।
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Sadhvi Pragya ने बिना नाम लिए कहा कि एक विधायक है शर्मा, उसे बुढ़ापे में सच बोलना चाहिए, ब्राह्मण कुल में जन्म लिया तो ब्राह्मण बने रहो, रावण बनोगे तो वध करना पड़ेगा। बता दें साध्वी ने ये बातें तब कहीं जब वे देर रात शरद पूर्णिमा पर महाआरती में पहुंची थी।
पहले भी दे चुकी है विवादित बयान
- जुलाई 2019 में, प्रज्ञा (Sadhvi Pragya) ने कहा कि वह नालों या शौचालय की सफाई के लिए व्यवस्थापक नहीं बनी है।
- जुलाई 2020 में, प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने लोगों से 5 अगस्त, 2020 तक दिन में पांच बार हनुमान चालीसा का पाठ करने की अपील की ताकि कोरोनावायरस को मिटाया जा सके।
- दिसंबर 2020 में, क्षत्रिय महासभा की एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने एक विवादास्पद टिप्पणी की। Sadhvi Pragya ठाकुर ने कहा कि ब्राह्मणों को ब्राह्मण कहलाने पर बुरा नहीं लगता, वैसे ही क्षत्रिय और वैश्य को भी। लेकिन शूद्र अज्ञानता के कारण शूद्र कहलाना पसंद नहीं करते, वे “समझने में असमर्थ” हैं।
- मई 2021 में Sadhvi Pragya सिंह ठाकुर ने कहा कि भारतीय गायों के मूत्र से हमारे फेफड़ों में संक्रमण कम होता है और यह कोरोनावायरस से बचाव करता है। छद्म विज्ञान को बढ़ावा देने वाले बयान देने के लिए उनकी कड़ी आलोचना की गई थी।
