मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल मंगलवार को किसानों के बड़े प्रदर्शन का केंद्र बनी। MSP पर मूंग की 100 प्रतिशत खरीद की मांग को लेकर हजारों किसान मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास की ओर कूच करने निकले। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोकने के बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
मुख्यमंत्री आवास जाने से पहले पुलिस ने रोका, झड़प की भी खबर
राज्य के अलग-अलग हिस्सों से आए 19 किसान संगठनों के 2,000 से अधिक किसानों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च शुरू किया। हालांकि, सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास से पहले ही रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प होने की भी जानकारी सामने आई।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े किसान
ट्रैक्टर-ट्रॉली, अन्य वाहनों और पैदल पहुंचे किसानों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे वापस नहीं लौटेंगे। आंदोलन को लंबे समय तक जारी रखने के लिए वे अपने साथ एक सप्ताह तक के खाने-पीने का आवश्यक सामान भी लेकर पहुंचे हैं। किसानों की प्रमुख मांग न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग की 100 प्रतिशत खरीद सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि सरकार के सकारात्मक निर्णय तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
मूंग खरीद को लेकर पहले से जारी है किसानों का विरोध
मध्य प्रदेश में मूंग खरीद से जुड़े मुद्दों को लेकर किसानों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। राज्य के कई इलाकों में पहले से ही विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। किसान संगठनों ने पहले चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे हाईवे जाम करने के साथ-साथ राज्य विधानसभा की ओर भी मार्च करेंगे।
बरकतुल्लाह पुल पर बनाया गया सुरक्षा घेरा
जब हजारों किसान मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास से करीब सात किलोमीटर पहले बरकतुल्लाह पुल के पास सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई।
SAF, RAF समेत कई पुलिस टीमें रहीं तैनात
मार्च को नियंत्रित करने के लिए स्पेशल आर्म्ड फोर्स (SAF), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और 20 से अधिक पुलिस थानों की टीमों को तैनात किया गया। जानकारी के अनुसार, राजधानी में प्रवेश से पहले कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम और अधिक सख्त कर दिए।
मुख्य मार्गों पर बसें खड़ी कर बैरिकेडिंग मजबूत की गई। मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने से रोकने के लिए वॉटर कैनन और दंगा-रोधी वाहन ‘वज्र’ भी तैनात किए गए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौके पर, कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्रभावित
स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
किसानों के प्रदर्शन का असर राजधानी की यातायात व्यवस्था पर भी देखने को मिला। ओबैदुल्लागंज को भोपाल से जोड़ने वाला हाईवे बंद कर दिया गया, जबकि जबलपुर से सुल्तानपुर जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।
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