लखनऊ, खबर संसार। जी, हां सही पढ़ा आप ने Swami Prasad Maurya के लिए अखिलेश यादव छोड़ेंगे करहल की सीट! स्वामी प्रसाद मौर्य भले चुनाव हार गए हो, लेकिन समाजवादी पार्टी उनके एहसानों को नही भूली है और उन्हें विधायक बनाकर छोड़ेगी।
यूपी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी भले ही बहुमत की रेस से बाहर हो गई है लेकिन वोट प्रतिशत में मिली शानदार बढ़त से उत्साहित है। समाजवादी पार्टी का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले उसके साथ आए Swami Prasad Maurya समेत अन्य नेताओं के कारण ही यह बढ़त मिली है।
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एहसान उतारेंगी समाजवादी पार्टी
स्वामी प्रसाद के इस एहसान को देखते हुए ही समाजवादी पार्टी ने उनका पूरा सम्मान बरकरार रखने की तैयारी कर ली है। स्वामी प्रसाद मौर्य को विधानसभा भेजने के लिए सपा ने प्लान तैयार कर लिया है। समाजवादी पार्टी के सूत्रों की मानें तो सपा प्रमुख अखिलेश यादव करहल विधानसभा सीट से इस्तीफा देकर आजमगढ़ की सांसदी अपने पास रखेंगे।
अखिलेश के इस्तीफे के बाद करहल सीट पर होने वाले उपचुनाव में Swami Prasad Maurya को उतारा जाएगा। रविवार को अखिलेश और स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुलाकात की और इस पर चर्चा भी हुई। अखिलेश यादव ने करहल सीट 67,000 से अधिक मतों से जीती है। मौर्य ने चुनाव से पहले कैबिनेट मंत्री और भाजपा की सदस्यता छोड़कर सपा में प्रवेश किया था। स्वामी प्रसाद को कुशीनगर की फाजिलनगर सीट से मैदान में उतारा गया था लेकिन वह चुनाव हार गए थे
2007 से 2022 तक पडरौना से विधायक रह चुके है स्वामी प्रसाद मौर्य
Swami Prasad Maurya उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख गैर-यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) नेता हैं। वह 2007 से 2022 तक कुशीनगर जिले के अपने पारंपरिक सीट पडरौना से विधायक रहे। उन्होंने 2007 और 2012 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और 2017 में भाजपा के टिकट पर सीट जीती थी। 2012 में बसपा के सत्ता गंवाने से पहले वह मायावती के खास लोगों में गिने जाते थे। 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले 2016 में वह भाजपा में शामिल हो गए थे। इस बार सपा में आए और फाजिलनगर से चुनाव लड़ा। भाजपा के पूर्व विधायक गंगा सिंह कुशवाहा के बेटे सुरेंद्र कुशवाहा ने उन्हें हरा दिया।
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