खबर संसार देहरादून। बिजली का संकट मई तक बना रह सकता! जी हा क्योंकि डिमांड है ज्यादा प्रोडक्शन है कम। इस पर गर्मी के बड़ने पर डिमांड बहुत ज्यादा हो गई है। उत्तराखंड सहित यूपी,हरियाणा,राजस्थान, मध्यप्रदेश में बिजली संकट बना हुआ है। उत्तराखंड में इस बात को स्वीकार्य भीं किया है यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने। उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा जल्द बारिश होने और हाइड्रो प्रोजेक्ट्स से उत्पादन बढ़ने पर ही मिलेगी राहत बिजली संकट से राहत। क्योंकि कोयला और गैस की सप्लाई सामान्य होने के बाद चलेंगे पावर प्लांट, तो कम होगा बिजली संकट।
बिजली का संकट मई तक बना रह सकता!
यूपीसीएल के एमडी ने कहा है कि उत्तराखंड में बिजली संकट एक महीने के भीतर खत्म होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद हाइड्रो पावर का उत्पादन बढ़ने और मांग घटने से स्थिति सामान्य हो पाएगी।श्री कुमार ने कहा कि कोयला व गैस की सप्लाई, रूस-यूक्रेन युद्ध के खत्म होने के बाद ही सामान्य होने की उम्मीद है। इसके अलावा जल विद्युत परियोजनाओं के उत्पादन में भी बारिश शुरू होने के बाद ही बढ़ोतरी होगी।
श्री कुमार ने बताया कि यूपीसीएल ने राज्य की जरूरत के अनुरूप बिजली का इंतजाम किया था। लेकिन अचानक गर्मी बढ़ने, गैस प्लांट से मिलने वाली 7.5 एमयू सप्लाई ठप होने, कोविड के बाद उद्योगों में बिजली की मांग 20 प्रतिशत बढ़ने से इंतजाम कम पड़ गए। उन्होंने कहा कि अधिकतम 12 रुपये प्रति यूनिट के रेट पर भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है। इसके बाद भी उत्तराखंड पूरे देश में अकेला ऐसा राज्य है, जहां सबसे कम बिजली कटौती हो रही है। उन्होंने बताया कि यूपीसीएल बाजार से प्रतिदिन 15 से 20 करोड़ रुपये की बिजली खरीद रहा है
