अलवर, खबर संसार। जी, हां आप ने सही पढ़ा सास-ससुर की ओर से अपने बेटे-बहू पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जा रहा था। पीड़ित दंपति ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों के साथ पुलिस अधीक्षक से मिलकर इस मामले में सुरक्षा की गुहार लगाई है।
दंपति सोनू और उसकी पत्नी रजनी ने अपने परिवार के लोगों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। दंपति ने हिंदू देवी-देवताओं के मूर्ति तथा पोस्टरों को फाड़कर फेंकने और उनकी बेअदबी का भी गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार की ओर से इस संबंध में एईबी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की कार्रवाई शुरू कर दी है।
देवी-देवताओं की तस्वीरों को फाड़ देते हैं और तोड़ देते हैं
पीड़ित सोनू ने बताया कि हमारे ही परिवार में से कुछ लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया है। हम जब पूजा पाठ करते हैं। पूजा के दौरान अगरबत्ती और दीपक जलाते तथा हवन करते हैं तो हमारा विरोध करते हैं। वे हमारे देवी-देवताओं की तस्वीरों को फाड़ देते हैं और तोड़ देते हैं। मारपीट करते हैं। हम पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाते हैं। बकौल सोनू हम हिंदू रीति रिवाज से रहना चाहते हैं लेकिन ये लोग हमें परेशान करते हैं। सोनू ने आरोप लगाया कि वे कहते हैं कि हिंदू धर्म में कुछ नहीं रखा। सब कुछ है जो ईसा मसीह में हैं।
परिवार के लोग गत 2 साल से ईसाई धर्म से जुड़े हैं
उन्होंने एसपी को बताया कि हमारे परिवार के लोग गत 2 साल से ईसाई धर्म से जुड़े हैं। तभी से ही हमें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने उन लोगों से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक ने इस पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने बताया कि पीड़ित परिवार और कुछ संगठनों के लोग उनसे मिले थे। उन्होंने धर्म परिवर्तन करवाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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