ऋषभ पंत ने रचा इतिहास, एक टेस्ट में दोनों पारियों में ठोका शतक जी, हां क्रिकेट के मैदान पर हर दिन कोई न कोई नया इतिहास रचता है, लेकिन कुछ उपलब्धियाँ ऐसी होती हैं जो सालों तक याद रखी जाती हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच लीड्स में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम के उपकप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है।
पंत ने इस मैच की दोनों पारियों में शतक लगाकर भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। पहली पारी में उन्होंने शानदार 134 रनों की पारी खेली, वहीं दूसरी पारी में सिर्फ 120 गेंदों में अपना शतक पूरा कर इतिहास रच दिया।
भारतीय क्रिकेट में पहली बार
भारत ने अपना पहला टेस्ट मैच 1932 में खेला था। इन 93 वर्षों में कई बेहतरीन विकेटकीपर बल्लेबाज़ आए, लेकिन कोई भी एक ही टेस्ट की दोनों पारियों में शतक नहीं बना पाया। ऋषभ पंत ऐसा करने वाले भारत के पहले विकेटकीपर बल्लेबाज़ बन गए हैं। यह उपलब्धि उन्हें भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक विशेष स्थान देती है।
इंग्लैंड की धरती पर नया कारनामा
इतना ही नहीं, पंत इंग्लैंड में खेलते हुए एक टेस्ट की दोनों पारियों में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज़ भी बन गए हैं। अंग्रेज़ी पिचों पर बल्लेबाज़ों के लिए रन बनाना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन पंत ने आत्मविश्वास और आक्रामकता के साथ यह कारनामा कर दिखाया।
दिग्गजों की लिस्ट में शामिल हुए पंत
पंत अब उन चुनिंदा सात भारतीय बल्लेबाज़ों में शामिल हो गए हैं जिन्होंने किसी एक टेस्ट मैच की दोनों पारियों में शतक जड़ा हो। इस सूची में सुनील गावस्कर का नाम सबसे ऊपर है, जिन्होंने यह कमाल तीन बार किया। राहुल द्रविड़ ने दो बार और विजय हजारे, विराट कोहली, रोहित शर्मा तथा अजिंक्य रहाणे एक-एक बार ऐसा कर चुके हैं। अब ऋषभ पंत भी इस सम्मानजनक सूची में शुमार हो चुके हैं।
क्यों खास है पंत की पारी?
ऋषभ पंत का यह प्रदर्शन केवल आंकड़ों की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि मैच की परिस्थिति को देखते हुए भी बेहद खास रहा। दोनों पारियों में जब टीम को मजबूती की ज़रूरत थी, पंत ने जिम्मेदारी उठाई और शतक के साथ टीम को मज़बूती दी। उनकी यह पारी आने वाले युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा है।
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