गाजा पट्टी में भुखमरी और कुपोषण ने तबाही मचाई हुई है। मंगलवार को चार बच्चों समेत कम से कम 15 और फ़िलिस्तीनियों की मौत हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अक्टूबर में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 101 लोग कुपोषण से जान गंवा चुके हैं, जिनमें 80 बच्चे शामिल हैं। यह दर्दनाक आंकड़ा तब सामने आया जब इज़राइल की ओर से गाजा पर लगातार बमबारी भी जारी रही, जिसमें मंगलवार को ही 81 लोग मारे गए।
संयुक्त राष्ट्र ने गाजा की स्थिति को ‘भयावह और अभूतपूर्व’ बताया है। डॉक्टरों के अनुसार, मरने वालों में छह हफ़्ते का यूसुफ़ अल-सफ़ादी और 13 साल का अब्दुल हमीद अल-ग़लबान भी शामिल है। यूसुफ़ के चाचा अदहम अल-सफ़ादी ने बताया कि उसकी मां भूख से खुद दूध नहीं बना पा रही थी और शिशु फ़ॉर्मूला दूध 100 डॉलर प्रति डिब्बा बिक रहा था, जो परिवार खरीद नहीं सका। उन्होंने कहा, “मां के पास दूध नहीं था, बाजार में कुछ भी नहीं है, बच्चा कुपोषण से मर गया।”
पांच महीने से नाकाबंदी, मदद मांगने वालों पर भी गोलियां
भुखमरी का यह संकट इज़राइल द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से और बढ़ा है। इज़राइल ने पिछले पांच महीनों से गाजा में भोजन, ईंधन और पानी तक की आपूर्ति पर रोक लगा रखी है। मार्च में यह नाकाबंदी और सख्त कर दी गई। मई में थोड़ी मदद की अनुमति दी गई लेकिन वह भी मुख्यतः अमेरिका समर्थित गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (जीएचएफ) के ज़रिए।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, जीएचएफ के वितरण केंद्रों के पास मदद मांगने आए 1,000 से अधिक फ़िलिस्तीनियों को इज़राइली सेना ने मार डाला। मंगलवार को मारे गए 81 लोगों में भी 31 लोग भोजन के लिए लाइन में खड़े थे।
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