वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों से चीन पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर नाटो सदस्य चीन से आयात पर 50 से 100 प्रतिशत शुल्क लगाते हैं और रूस से तेल खरीद बंद करते हैं, तो यूक्रेन युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है।
चीन पर कड़ा वार, रूस पर असर
ट्रंप ने दावा किया कि चीन का रूस पर गहरा प्रभाव है और ऊंचे शुल्क लगाने से यह पकड़ टूट सकती है। उनके मुताबिक, “चीन पर भारी शुल्क रूस की ताकत को कमजोर करेगा और यूक्रेन युद्ध समाप्त करने में मददगार साबित होगा।”
नाटो की प्रतिबद्धता पर सवाल
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि नाटो देशों की प्रतिबद्धता कमजोर रही है। उन्होंने कहा, “कुछ देश अब भी रूसी तेल खरीद रहे हैं, जिससे रूस के खिलाफ दबाव घटता है। यह नाटो की सौदेबाजी की ताकत को कम करता है।”
बाइडेन-जेलेंस्की पर जिम्मेदारी
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन युद्ध उनका संघर्ष नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर मैं राष्ट्रपति होता, तो यह युद्ध शुरू ही नहीं होता। यह बाइडेन और जेलेंस्की का युद्ध है। मेरा मकसद सिर्फ इसे रोकना और निर्दोष लोगों की जान बचाना है।”
अमेरिका-चीन व्यापार तनाव
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका पहले ही चीन से आयात पर 30 प्रतिशत अतिरिक्त कर लगा चुका है। जवाब में बीजिंग ने भी अमेरिकी सामान पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया है।
ट्रंप ने दोहराया कि अगर नाटो उनकी रणनीति अपनाता है, तो युद्ध जल्दी खत्म होगा और हजारों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो नाटो और अमेरिका का समय, ऊर्जा और पैसा बर्बाद होगा।
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