एशिया कप 2025 के सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने गुरुवार रात बांग्लादेश को हराकर फाइनल में एंट्री कर ली। अब क्रिकेट प्रेमियों को 28 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत-पाकिस्तान के बीच हाईवोल्टेज फाइनल देखने का इंतजार है। इसी बीच एशिया कप की ट्रॉफी को लेकर फैन्स के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।
एशिया कप ट्रॉफी में सोना और चांदी
एशिया कप ट्रॉफी सोने की परत और चांदी की संरचना से बनी है। इसकी बाहरी सतह पर सोने की परत चढ़ाई गई है, जबकि मुख्य ढांचा चांदी से तैयार किया गया है। हालांकि, सोने और चांदी की सटीक मात्रा का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इसकी चमक और भव्यता से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसमें कीमती धातुओं का खास योगदान है।
शानदार डिजाइन और ऐतिहासिक महत्व
2019 में इस ट्रॉफी का नया डिजाइन पेश किया गया था। इसे लंदन के मशहूर सिल्वरस्मिथ थॉमस लाइट ने तैयार किया। ट्रॉफी 78 सेंटीमीटर ऊंची, 42 सेंटीमीटर चौड़ी और लगभग 15 किलोग्राम वजनी है। इसका डिजाइन कमल के फूल से प्रेरित है, जो एशिया में शांति और एकता का प्रतीक माना जाता है।
कैसे बनी एशिया कप ट्रॉफी
इस ट्रॉफी को बनाने में 400 घंटे लगे और इसमें 12 कारीगरों ने मेहनत की। इसकी जटिलता और खूबसूरती इसे केवल खेल का पुरस्कार नहीं बल्कि एशियाई क्रिकेट की प्रतिष्ठा और गौरव का प्रतीक बनाती है। विजेता देशों के नाम ट्रॉफी के आधार पर अंकित किए जाते हैं, जिससे यह और भी खास बन जाती है।
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