ईरान से जुड़े तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने का असर अब ऑटो इंडस्ट्री पर दिखने लगा है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक (What), इस रूट के प्रभावित होने से इंडस्ट्रियल यूरिया की सप्लाई बाधित हुई है (Why), जो BS6 डीजल इंजन के लिए जरूरी है। यह समस्या अभी (When) वैश्विक शिपिंग रूट्स, खासकर दुबई और इजिप्ट से आने वाली सप्लाई (Where) पर असर डाल रही है। इससे वाहन निर्माता और डीजल वाहन उपयोगकर्ता (Who) प्रभावित हो रहे हैं। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो अगले महीने तक (How) बस, ट्रक और डीजल कारों का संचालन ठप हो सकता है।
यूरिया सप्लाई पर बड़ा असर
रिपोर्ट के अनुसार, इंडस्ट्रियल ग्रेड यूरिया की 50–60% सप्लाई दुबई और इजिप्ट के बंदरगाहों से होती है।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से शिपिंग रूट प्रभावित
- प्राइमरी सप्लाई लाइन्स में रुकावट
- मैन्युफैक्चरर्स को कच्चे माल की कमी
BS6 डीजल वाहनों के लिए क्यों जरूरी है यूरिया
BS6 डीजल इंजन सख्त एमिशन नियमों को पूरा करने के लिए Selective Catalytic Reduction (SCR) सिस्टम का उपयोग करते हैं।
- इस सिस्टम में AdBlue (DEF) की जरूरत होती है
- यह लगातार एग्जॉस्ट सिस्टम में डाला जाता है
- बिना इसके इंजन सही तरीके से काम नहीं करता
डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) क्या है
डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड एक खास सॉल्यूशन होता है:
- 32.5% हाई प्योरिटी इंडस्ट्रियल यूरिया
- 67.5% डीआयोनाइज्ड पानी
यह एग्जॉस्ट में जाकर हानिकारक गैसों को कम नुकसानदेह तत्वों में बदलता है।
वाहनों के संचालन पर मंडरा रहा खतरा
अगर यूरिया की कमी जारी रहती है, तो:
- DEF टैंक खाली होने पर वाहन लिम्प मोड में चला जाएगा
- स्पीड और पावर में भारी गिरावट आएगी
- रीफिल के बिना इंजन स्टार्ट नहीं होगा
साफ है कि यूरिया के बिना BS6 डीजल वाहन चलाना संभव नहीं है। होर्मुज संकट का असर अब सीधे ऑटो सेक्टर पर पड़ रहा है। अगर सप्लाई चेन जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले समय में ट्रांसपोर्ट और पर्सनल मोबिलिटी दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
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