उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वाड UP ATS ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में बुलंदशहर से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद उमर और फैज़ान के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों पाकिस्तान स्थित ISI समर्थित नेटवर्क के संपर्क में थे और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे।
पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से जुड़े होने का आरोप
उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों आरोपी पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहज़ाद भट्टी और आबिद जाट द्वारा संचालित नेटवर्क के निर्देशों पर काम कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क भारत में स्लीपर सेल तैयार करने और सोशल मीडिया के जरिए आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में सक्रिय था।
सोशल मीडिया के जरिए फैलाया जा रहा था नेटवर्क
ATS के अनुसार, आरोपियों का इस्तेमाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को प्रभावित करने और डर का माहौल बनाने के लिए किया जा रहा था। एजेंसियों को जांच के दौरान कई डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनमें पोस्टर से जुड़े वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री शामिल हैं।
आर्मी कैंटोनमेंट की रेकी कराने का भी आरोप
जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को अलग-अलग स्थानों पर आबिद जाट के पोस्टर लगाने और दहशत फैलाने का काम सौंपा गया था। इसके अलावा उन्हें सेना के कैंटोनमेंट क्षेत्रों की रेकी करने के निर्देश भी दिए गए थे। ATS ने कहा कि मामले में कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
17 जून को हुई थी गिरफ्तारी
ATS अधिकारियों के मुताबिक, मोहम्मद उमर और फैज़ान को 17 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी के पिता ने क्या कहा?
गिरफ्तारी के बाद एक आरोपी के पिता सलीमुद्दीन ने कहा कि उन्हें अपने बेटे की किसी भी गलत गतिविधि की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनका बेटा मसूरी घूमने गया था। उनके मुताबिक, “हमें सिर्फ इतना पता है कि कुछ पोस्टर लगाए गए थे। अगर मेरे बेटे ने कोई गलत काम किया है तो सरकार कार्रवाई करे, लेकिन अगर वह निर्दोष है तो उसे रिहा किया जाए।”
ATS जांच में जुटी
ATS अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों के संपर्क किन-किन लोगों से थे और इस नेटवर्क का विस्तार कहां तक फैला हुआ है।
खबर आपको कैसी लगी, comment box में अवश्य लिखें। वेबसाइट को सब्सक्राइब और लाइक करना भी नहीं भूलें
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस

