महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर दिया है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने सोमवार को जानकारी दी कि पिछले तीन से चार दिनों में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 13 लोगों की जान चली गई। मुंबई, पालघर और रायगढ़ समेत कई इलाकों में रिकॉर्ड स्तर की बारिश दर्ज की गई है।
मुंबई-पुणे के बीच सड़क और रेल संपर्क प्रभावित
लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं के कारण मुंबई और पुणे के बीच सड़क एवं रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सेंट्रल रेलवे के अनुसार, कर्जत-लोनावला भोर घाट सेक्शन में ठाकुरवाड़ी के पास तड़के करीब 3 बजे भूस्खलन हुआ। इसके बाद खंडाला और मंकी हिल के बीच भी लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आईं।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि भोर घाट इलाके में मौजूद तीनों रेलवे ट्रैक मलबे की चपेट में आ गए, जिससे ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई। भारी बारिश को देखते हुए कम से कम 16 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि नौ ट्रेनों का रूट बदला गया है।
पुणे में भूस्खलन, एक घर मलबे में दबा
पुणे जिले में लगातार बारिश के बीच भूस्खलन की घटना में एक घर मलबे में दब गया। प्रशासन की टीमें मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में भी हालात सामान्य होने में समय लग सकता है।
IMD ने जारी किया रेड और ऑरेंज अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं पुणे के लिए भी अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन क्षेत्रों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
आईएमडी ने निचले इलाकों में जलभराव, फ्लैश फ्लड, पेड़ गिरने, कमजोर ढांचों को नुकसान और भूस्खलन की आशंका जताई है। लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
सरकार ने निजी कार्यालयों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने मुंबई स्थित निजी कंपनियों और कार्यालयों से अपील की है कि जहां संभव हो, कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी जाए। इसके अलावा गैर-जरूरी सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालयों में आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई है। भारी बारिश के चलते आम जनजीवन पर पड़े असर को देखते हुए महाराष्ट्र विधान परिषद की कार्यवाही भी पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
मुख्यमंत्री फडणवीस बोले- पूरा प्रशासन अलर्ट मोड पर
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि दीवार गिरने और भूस्खलन जैसी घटनाएं खराब मौसम की वजह से हुई हैं, न कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग, नगर निगम और संबंधित एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है और सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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