प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अपने तीन देशों के विदेश दौरे के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे। जकार्ता एयरपोर्ट पर उनका विशेष और गर्मजोशी भरा स्वागत किया गया। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो खुद एयरपोर्ट पहुंचे और पीएम मोदी का स्वागत किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों की झलक भी देखने को मिली।
लड़ाकू विमानों ने किया पीएम मोदी के विमान का एस्कॉर्ट
प्रधानमंत्री मोदी के इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही इंडोनेशियाई वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया। यह सम्मान किसी खास राजकीय मेहमान को ही दिया जाता है। पीएम मोदी इंडोनेशिया की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं, जिसे दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
जकार्ता में सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए पीएम मोदी
जकार्ता पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान भारतीय और इंडोनेशियाई सांस्कृतिक संबंधों की झलक देखने को मिली। दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक रिश्ते रहे हैं, जिन्हें यह यात्रा नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।
भारत-इंडोनेशिया संबंधों को मिलेगा नया विस्तार
साल 2018 में अपनी पहली इंडोनेशिया यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों के संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचाया था। इसके बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो इसी वर्ष 26 जनवरी 2025 को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने थे।
रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने क्या कहा?
इंडोनेशिया रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सभ्यतागत और लोगों के बीच गहरे संबंध हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि यह यात्रा दोनों देशों की बहुआयामी साझेदारी को और मजबूत बनाएगी। पीएम मोदी ने कहा कि वह इंडोनेशिया में भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह राष्ट्रपति प्राबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे, जो भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक रिश्तों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है।
ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड का भी करेंगे दौरा
इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया और फिर न्यूज़ीलैंड का दौरा करेंगे। माना जा रहा है कि इस विदेश यात्रा के जरिए भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपने रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
दो हजार साल पुराने हैं भारत-इंडोनेशिया संबंध
भारत और इंडोनेशिया के बीच सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध लगभग दो हजार वर्षों पुराने माने जाते हैं। 1991 में भारत की ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ लागू होने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तेजी से विस्तार हुआ। राजनीतिक, रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ा है।
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