पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने एक बार फिर क्षेत्रीय शांति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और ईरान के हालिया टकराव के बीच पाकिस्तान और सऊदी अरब ने हालात पर गंभीर चर्चा करते हुए संवाद और कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया।
पाकिस्तान और सऊदी अरब ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को लेकर चिंता व्यक्त की है। दोनों देशों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच हालिया टकराव से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है। इसी मुद्दे पर शनिवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के बीच टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत हुई।
शांति वार्ता दोबारा शुरू कराने की कोशिशें तेज
इस बातचीत से एक दिन पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई वार्ता को दोबारा शुरू कराने के उद्देश्य से ईरान और कतर के नेताओं से अलग-अलग संपर्क किया था। अधिकारियों के अनुसार, हालिया हमलों और बढ़ते तनाव के बाद बंद हुई शांति प्रक्रिया को फिर से पटरी पर लाने के प्रयासों के तहत ये कूटनीतिक बातचीत की गई।
इस्लामाबाद एमओयू और तकनीकी वार्ता का भी हुआ उल्लेख
अमेरिका और ईरान ने पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के उद्देश्य से 18 जून को इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद 21 जून को स्विट्जरलैंड में तकनीकी स्तर की वार्ता आयोजित हुई, जिसमें पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के अनुसार, दोनों विदेश मंत्रियों ने क्षेत्र के मौजूदा घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की।
सऊदी अरब ने संवाद और तनाव कम करने पर दिया जोर
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि संघर्ष का दोबारा भड़कना किसी भी पक्ष के हित में नहीं है। उनका मानना था कि इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने की कोशिशों को नुकसान पहुंच सकता है। बातचीत के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने अपने देश के कूटनीतिक प्रयासों की जानकारी साझा की और तनाव कम करने के साथ-साथ संवाद की प्रक्रिया जारी रखने पर बल दिया।
पाकिस्तान ने संयम बरतने की अपील दोहराई
विदेश मंत्री इशाक डार ने सभी संबंधित पक्षों से संयम बनाए रखने की पाकिस्तान की अपील को दोहराया। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के प्रयासों को सफल और सकारात्मक परिणाम तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त समय और अवसर मिलना आवश्यक है।
इसी दौरान इशाक डार ने मालदीव की विदेश मंत्री इरुथिशम आदम से भी टेलीफोन पर बातचीत की। उन्होंने मालदीव के आगामी 61वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं और बधाई भी दी।
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