कुछ ही दिनों में त्वचा को गोरा और चमकदार बनाने का दावा करने वाली कई कॉस्मेटिक क्रीम अब जांच के दायरे में आ गई हैं। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की जांच में पांच ऐसे उत्पादों में मरकरी और लेड तय मानकों से कई गुना अधिक पाए गए हैं। इसके बाद लोगों को इनका इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई है और इनके निर्माण व बिक्री की जांच शुरू कर दी गई है।
जांच में किन कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के नाम आए?
महाराष्ट्र FDA की जांच में Goree Beauty Cream, Goree Beauty Whitening Body Lotion, Goree Whitening Soap, Face Fresh Gold Plus और Golden Star Beauty Cream के नाम सामने आए हैं। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ उत्पादों पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जैसी जरूरी जानकारी भी दर्ज नहीं थी। अधिकारियों ने अब इन उत्पादों के निर्माण और बाजार में बिक्री से जुड़े मामलों की जांच शुरू कर दी है।
मरकरी क्यों है इतना खतरनाक?
विशेषज्ञों के अनुसार, स्किन व्हाइटनिंग क्रीमों में अवैध रूप से मरकरी मिलाया जाता है क्योंकि यह शरीर में मेलानिन बनने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है। डॉ. तुषार पलवे के मुताबिक, इसके कारण 10 से 15 दिनों के भीतर त्वचा पहले से अधिक गोरी दिखाई देने लगती है।
हालांकि, लगातार उपयोग करने पर मरकरी शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। यदि इसकी मात्रा अधिक हो तो 10 से 12 दिनों के भीतर ही किडनी पर असर शुरू हो सकता है, जबकि कम मात्रा होने पर भी रोजाना इस्तेमाल से महीनों में नुकसान धीरे-धीरे बढ़ता रहता है।
त्वचा ही नहीं, पूरे शरीर पर पड़ सकता है असर
डॉक्टरों का कहना है कि मरकरी केवल त्वचा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि त्वचा के माध्यम से शरीर में पहुंचकर किडनी और बोन मैरो में जमा हो सकता है। इससे किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और गंभीर स्थिति में डायलिसिस की आवश्यकता भी पड़ सकती है।
इसके अलावा लंबे समय तक संपर्क रहने पर हाथ कांपना, याददाश्त कमजोर होना, चिंता, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी जैसी न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। कुछ मामलों में सुनने और देखने की क्षमता पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
लेड की मौजूदगी ने भी बढ़ाई चिंता
जांच के दौरान इन उत्पादों में लेड भी निर्धारित सीमा से अधिक पाया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, त्वचा को गोरा बनाने में लेड का कोई वैज्ञानिक उपयोग नहीं है। इसकी मौजूदगी निम्न गुणवत्ता वाले कच्चे माल या असुरक्षित निर्माण प्रक्रिया का संकेत मानी जाती है।
लेड शरीर में जमा होकर दिमाग, किडनी, रक्त बनाने वाले अंगों और प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि लेड की कोई भी मात्रा पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जाती और यदि मरकरी के साथ इसका संपर्क हो तो स्वास्थ्य संबंधी जोखिम और अधिक बढ़ जाता है।
स्किन एक्सपर्ट ने क्या सलाह दी?
त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल गोरा दिखने के उद्देश्य से किसी भी स्किन व्हाइटनिंग क्रीम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यदि चेहरे पर दाग-धब्बे, पिग्मेंटेशन या त्वचा से जुड़ी कोई समस्या है तो पहले किसी योग्य स्किन एक्सपर्ट से जांच कराकर ही उपचार शुरू करना चाहिए।
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