पाकिस्तान पहले से ही सुरक्षा और राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे माहौल में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने सरकार के खिलाफ एक नए राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान कर राजनीतिक हलचल और तेज कर दी है। पार्टी का कहना है कि यह अभियान इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की लगातार जेल में कैद के विरोध में चलाया जाएगा। इसके लिए 5 अगस्त को पूरे देश में रैलियां आयोजित की जाएंगी।
कई मोर्चों पर संकट से जूझ रहा पाकिस्तान
इस समय पाकिस्तान एक साथ कई गंभीर चुनौतियों से घिरा हुआ है। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में असंतोष की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। वहीं, बलूचिस्तान में अलगाववादी संगठनों के हिंसक हमले लगातार जारी हैं। दूसरी ओर, खैबर पख्तूनख्वा में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) लगातार सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। इन्हीं परिस्थितियों के बीच अब देश में राजनीतिक मोर्चे पर भी नया टकराव सामने आ गया है।
पीटीआई ने 5 अगस्त को राष्ट्रव्यापी रैलियों का किया ऐलान
बुधवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने सरकार के खिलाफ एक और बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए 5 अगस्त को देशभर में रैलियां आयोजित करने की घोषणा की।
पार्टी के अनुसार, यह कार्यक्रम उसके संस्थापक चेयरमैन इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की जेल में लगातार कैद के विरोध में शक्ति प्रदर्शन का प्रमुख अवसर होगा।
संसदीय समिति की बैठक में लिया गया अहम फैसला
राष्ट्रव्यापी आंदोलन का फैसला पीटीआई की संसदीय समिति की बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान सांसदों ने तय एजेंडे के अलावा देश में बढ़ती राजनीतिक उथल-पुथल और गहराते संकट पर भी विस्तार से चर्चा की।
बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीटीआई के कार्यवाहक चेयरमैन बैरिस्टर गोहर अली खान ने बताया कि पार्टी ने 5 अगस्त को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने याद दिलाया कि इसी दिन वर्ष 2023 में तोशाखाना मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद इमरान खान को गिरफ्तार किया गया था।
इमरान खान की रिहाई के लिए कानूनी और राजनीतिक लड़ाई जारी
बैरिस्टर गोहर अली खान ने कहा कि पार्टी के सभी सांसद इस बात पर एकमत हैं कि इमरान खान को जेल में रखना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पीटीआई उनकी रिहाई के लिए कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि राहत के लिए पार्टी कई बार अदालतों का रुख कर चुकी है, लेकिन महत्वपूर्ण अपीलों पर अभी तक फैसले का इंतजार है। उनके अनुसार, पूरी संसदीय पार्टी का मानना है कि इमरान खान की जेल में मौजूदगी उचित नहीं है।
सरकार पर लगाया राजनीतिक टकराव बढ़ाने का आरोप
पीटीआई के कार्यवाहक चेयरमैन ने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी कानूनी और राजनीतिक टकराव को अनावश्यक रूप से लंबा खींच रहे हैं, जिससे पूरे देश में तनाव बढ़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी रैलियां पहले हुए प्रदर्शनों से अलग होंगी। उनके इस बयान से संकेत मिला कि पार्टी इस बार अधिक आक्रामक राजनीतिक रणनीति अपनाने के साथ जनता का व्यापक समर्थन दिखाने की कोशिश करेगी।
विपक्षी दलों के साथ साझा रणनीति की तैयारी
गोहर अली खान ने बताया कि पीटीआई की राजनीतिक समिति और विपक्षी गठबंधन जल्द ही संयुक्त रणनीति का ऐलान करेंगे। इसका उद्देश्य सरकार के खिलाफ एकजुट होकर दबाव बनाना होगा।
यह घोषणा इमरान खान की बहन अलीमा खान की उस अपील के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें उन्होंने पीटीआई समर्थकों से आंदोलन तेज करने और पूर्व प्रधानमंत्री की रिहाई के लिए दबाव बढ़ाने का आह्वान किया था।
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