सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्पष्ट किया कि पूरे देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का उसका इरादा नहीं है। अदालत ने कहा कि दिवाली लोगों की भावनाओं से जुड़ा त्योहार है, लेकिन लगातार पटाखे चलाने से बीमार लोगों, बुजुर्गों और बच्चों पर असर पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्ण प्रतिबंध की बात से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि पूरे देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का उसका इरादा नहीं है। अदालत ने कहा कि दिवाली का त्योहार लोगों की भावनाओं से जुड़ा है और इसे पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
24 घंटे पटाखे चलाने की अनुमति नहीं
अदालत ने साथ ही स्पष्ट किया कि पटाखे चलाने के लिए 24 घंटे की अनुमति भी नहीं दी जा सकती। सुप्रीम कोर्ट ने लगातार पटाखे चलाने से होने वाले असर को लेकर चिंता जताई।
बीमार, बुजुर्ग और बच्चों पर असर की चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लगातार पटाखे चलने से बीमार लोगों, बुजुर्गों और बच्चों पर इसका असर पड़ सकता है। अदालत ने त्योहार से जुड़ी भावनाओं और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया।
पटाखों के प्रकार और समय-सीमा पर होगा विचार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पटाखों के प्रकार और उन्हें चलाने की समय-सीमा पर विचार करेगा। अदालत का जोर ऐसे संतुलन पर है, जिससे लोगों की त्योहार मनाने की भावनाएं बनी रहें और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं का भी ध्यान रखा जा सके। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अब 15 अक्टूबर को अगली सुनवाई करेगा।
10 प्वाइंट में पूरी खबर
- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पटाखों पर अपना रुख स्पष्ट किया।
- पूरे देश में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का इरादा नहीं है।
- अदालत ने दिवाली को लोगों की भावनाओं से जुड़ा त्योहार बताया।
- दिवाली की भावनाओं को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
- पटाखे चलाने के लिए 24 घंटे की अनुमति नहीं दी जा सकती।
- लगातार पटाखे चलाने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
- बीमार लोगों पर इसके असर को लेकर अदालत ने चिंता जताई।
- बुजुर्गों और बच्चों पर भी असर पड़ने की बात कही गई।
- पटाखों के प्रकार और समय-सीमा पर अदालत विचार करेगी।
- सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।
- यह भी पढ़ें- Anushka ने प्यूमा पर लगाया बिना परमिशन फोटो इस्तेमाल करने का आरोप
- हमारे फ़ैज़ी वेबसाइट से जुड़ने के लिए क्लिक करें





