केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 12 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों को लेकर नया आदेश जारी किया। इसके तहत जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। कांग्रेस ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है।
गृह मंत्रालय के आदेश पर कांग्रेस ने जताई नाराजगी
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार, 12 अक्टूबर, 2026 को दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों को लेकर नया आदेश जारी किया। इसके तहत राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर कर दिया गया है। इस फैसले के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को कुचलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय का यह फैसला दर्शाता है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जोड़ी किस हद तक घबराई हुई है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
कांग्रेस के संचार विभाग के महासचिव और सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक जंतर-मंतर अब वह स्थान नहीं रहेगा, जहां लोकतंत्र को हर दिन नई ताकत मिलती थी। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की घबराहट का संकेत बताया।
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार चारों तरफ से घिर चुकी है और पिछले कुछ दिनों में शांतिपूर्ण जन प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचला गया है। उन्होंने लोकतंत्र की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार के लिए डेमोक्रेसी अब डेमोकुर्सी में बदल गई है।
चरणजीत चन्नी और गौरव गोगोई ने भी जताई आपत्ति
कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि आगे चलकर सरकार यह भी कह सकती है कि लोग दिल्ली नहीं आ सकते। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के उपनेता और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) डरी हुई है। उनके मुताबिक, भाजपा को एहसास हो रहा है कि उसका सिंहासन अब ज्यादा दिनों तक उसके पास नहीं रहेगा।
दिल्ली में अब कहां कर सकेंगे प्रदर्शन?
गृह मंत्रालय के आदेश के अनुसार, दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के आयोजन के लिए तीन वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD मैदान शामिल हैं। इसके विपरीत, नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है।
जंतर-मंतर विवाद: 10 बड़ी बातें
- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार, 12 अक्टूबर, 2026 को नया आदेश जारी किया।
- आदेश के तहत जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया।
- कांग्रेस ने गृह मंत्रालय के फैसले पर नाराजगी जताई।
- जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा।
- जयराम रमेश ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को कुचलने का आरोप लगाया।
- उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
- चरणजीत सिंह चन्नी ने जंतर-मंतर को सूची से हटाने पर आपत्ति जताई।
- गौरव गोगोई ने भाजपा को लेकर तीखी टिप्पणी की।
- दिल्ली में प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान को वैकल्पिक स्थान बनाया गया है।
- बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD मैदान भी वैकल्पिक प्रदर्शन स्थल निर्धारित किए गए हैं।






