दुनिया के कई देशों में इन दिनों आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियां की जा रही हैं। ब्रिटेन, जापान, अमेरिका, जर्मनी और नॉर्वे ने अपने नागरिकों को अलग-अलग तरह के संभावित संकटों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। इन तैयारियों का असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है। ब्रिटेन के शहरों में खाने-पीने की चीजें खरीदने के लिए दुकानों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
इन चेतावनियों के पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं। जापान में भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं को लेकर तैयारी की जा रही है, जबकि ब्रिटेन में साइबर हमलों की आशंका को लेकर चिंता है। अमेरिका अपने सैन्य ठिकानों को संभावित बड़े संघर्ष की स्थिति के लिए तैयार कर रहा है।
जापान: आपदाओं से निपटने के लिए नई एजेंसी
जापान में 2 नवंबर को नई आपदा प्रबंधन एजेंसी शुरू होने जा रही है। आपदा प्रबंधन मंत्री गोशी होसोनो ने कहा है कि सरकार विभिन्न मंत्रालयों, प्रांतों और नागरिकों से जरूरी तैयारियां करने का अनुरोध करेगी। उन्होंने लोगों को एक सप्ताह तक के लिए भोजन, पानी, शौचालय से जुड़ी सामग्री और अन्य जरूरी सामान रखने की सलाह दी है। जापान नानकाई ट्रफ में संभावित भूकंप, राजधानी के नीचे बड़े भूकंप, कुरिल और जापान ट्रेंच के पास भूकंप तथा माउंट फ़ूजी में ज्वालामुखी विस्फोट जैसी आपदाओं की तैयारी कर रहा है।
ब्रिटेन: ‘बी रेडी’ अभियान के तहत अलर्ट
ब्रिटेन ने ‘बी रेडी’ अभियान के तहत परिवारों को तीन दिनों का जरूरी सामान रखने की सलाह दी है। इसमें पानी, डिब्बाबंद भोजन, नकदी, टॉर्च और रेडियो शामिल हैं। PHP सॉफ्टवेयर में बड़ी खराबी के कारण कुछ सेवाएं बाधित हुईं और हैकिंग की लाखों कोशिशें हुईं। इसके बाद सरकार ने साइबर हमलों, जंगल की आग, खराब मौसम, दुश्मन देशों और संगठित अपराध से जुड़े खतरों का भी जिक्र किया है।
अमेरिका: सैन्य ठिकानों को 90 दिनों तक आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन चाहता है कि देश में मौजूद उसके सैन्य ठिकाने बिना बाहरी आपूर्ति के कम से कम 90 दिनों तक काम कर सकें। इसके लिए बिजली, पानी, ईंधन और संचार की अपनी व्यवस्था विकसित करने की योजना है। इस योजना को ‘फोर्ट्रेस’ (FORTRESS) नाम दिया गया है। प्रवक्ता के अनुसार, अब बिजली ही युद्ध की ताकत है।
जर्मनी: युवाओं को भेजी जा रही प्रश्नावली
जर्मनी में 18 साल के युवाओं को सैन्य सेवा से जुड़ी प्रश्नावली भेजी जा रही है। इसे नजरअंदाज करने पर 250 यूरो का जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इसे आपातकालीन तैयारियों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
नॉर्वे: संकट और युद्ध के लिए तैयारी का संदेश
नॉर्वे की सरकार ने नागरिकों को संकट और युद्ध की स्थिति के लिए तैयार रहने का संदेश दिया है। इसके तहत ‘आत्म-तैयारी सप्ताह’ (Self-Preparedness Week) भी चलाया जा रहा है। सरकार का कहना है कि सभी नागरिकों को मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए।
इन 5 देशों में क्या हैं आपातकालीन तैयारियां? 10 बड़ी बातें
- जापान: 2 नवंबर को नई आपदा प्रबंधन एजेंसी शुरू होगी।
- जापान: नागरिकों को एक सप्ताह का जरूरी सामान रखने की सलाह दी गई है।
- जापान: संभावित बड़े भूकंप और माउंट फ़ूजी में ज्वालामुखी विस्फोट की तैयारी की जा रही है।
- ब्रिटेन: ‘बी रेडी’ अभियान के तहत तीन दिनों का जरूरी सामान रखने को कहा गया है।
- ब्रिटेन: साइबर हमलों, जंगल की आग और खराब मौसम को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
- अमेरिका: पेंटागन सैन्य ठिकानों को 90 दिनों तक आत्मनिर्भर बनाना चाहता है।
- अमेरिका: योजना का नाम ‘फोर्ट्रेस’ (FORTRESS) रखा गया है।
- जर्मनी: 18 साल के युवाओं को सैन्य सेवा से जुड़ी प्रश्नावली भेजी जा रही है।
- जर्मनी: प्रश्नावली की अनदेखी करने पर 250 यूरो का जुर्माना लग सकता है।
- नॉर्वे: सरकार ‘आत्म-तैयारी सप्ताह’ के जरिए नागरिकों को संकट और युद्ध के लिए तैयार रहने का संदेश दे रही है।







