Tuesday, March 10, 2026
HomeInternationalईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर अमेरिका-इज़राइल का हमला, रेडिएशन लीक?

ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर अमेरिका-इज़राइल का हमला, रेडिएशन लीक?

वियना/तेहरान : मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष ने अब परमाणु खतरे का नया मोड़ ले लिया है। ईरान ने पुष्टि की है कि उसके सबसे महत्वपूर्ण यूरेनियम संवर्धन केंद्र नतांज को अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में निशाना बनाया गया।

ईरान के IAEA राजदूत रेजा नजाफी ने वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की विशेष बैठक में कहा कि रविवार को एक बार फिर ईरान के शांतिपूर्ण और सुरक्षित परमाणु स्थलों पर हमला किया गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से नतांज का नाम लिया। ईरान ने इसे अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम पर हमला करार दिया है और पुनर्निर्माण की ठोस प्रतिबद्धता जताई है।

यह हमला अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के तीसरे दिन हुआ, जब ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पहले ही पुष्टि हो चुकी है। ईरान ने जवाब में इज़राइल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए, जिससे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ गई है।

IAEA प्रमुख की गंभीर चिंता

IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने बैठक में स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट, तेहरान रिसर्च रिएक्टर या अन्य ईंधन चक्र सुविधाओं में किसी क्षति का कोई संकेत नहीं मिला है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि रेडियोलॉजिकल रिलीज (रेडिएशन लीक) की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में बड़े शहरों के बराबर इलाकों को खाली करना पड़ सकता है।

ग्रॉसी ने जोर दिया कि क्षेत्र में कई देशों के परमाणु पावर प्लांट और रिसर्च रिएक्टर मौजूद हैं, जिससे न्यूक्लियर सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है। IAEA ने ईरानी परमाणु प्राधिकरण से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। एजेंसी ने किसी भी रेडियोलॉजिकल इमरजेंसी में मदद के लिए तैयार रहने और क्षेत्र में निगरानी जारी रखने की बात कही है।

रेडिएशन का खतरा और पिछले हमले

अभी तक IAEA या ईरानी अधिकारियों ने साइट के बाहर असामान्य रेडिएशन स्तर की कोई पुष्टि नहीं की है। नतांज मुख्य रूप से यूरेनियम संवर्धन सुविधा है, जहां पावर रिएक्टर की तरह बड़े पैमाने पर रेडियोएक्टिव सामग्री नहीं होती। पिछले हमलों (जैसे 2025 में) में भी बाहर रेडिएशन नहीं फैला था। फिर भी ग्रॉसी की चेतावनी ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

युद्ध का व्यापक प्रभाव

अमेरिका और इज़राइल का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान के न्यूक्लियर हथियार कार्यक्रम को रोकने के लिए आवश्यक थी। संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और खाड़ी में जहाजरानी बुरी तरह प्रभावित है। पड़ोसी देशों (इराक, तुर्की, पाकिस्तान और खाड़ी राष्ट्रों) समेत वैश्विक स्तर पर प्रभाव की आशंका है।IAEA ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है ताकि स्थिति और न बिगड़े।


इसे भी पढे: देहरादून में फिर से एक बड़ा हादसा होने से टला, लड़की को आई करछी से चोट

हमारे फेबुकपेज से जुडने के लिए क्लिक करें

RELATED ARTICLES
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-

Most Popular

About Khabar Sansar

Khabar Sansar (Khabarsansar) is Uttarakhand No.1 Hindi News Portal. We publish Local and State News, National News, World News & more from all over the strength.