हल्द्वानी। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के आकस्मिक निरीक्षण से तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। सोमवार को निरीक्षण के दौरान कमिश्नर को शिकायत मिली कि कानूनगो अशरफ अली सरकारी फाइलें दफ्तर में रखने के बजाय अपने घर पर रखते हैं। इस शिकायत की पुष्टि के लिए कमिश्नर स्वयं टीम के साथ उनके उत्तर उजाला स्थित आवास पहुंचे। जांच में कानूनगो के घर से फाइलों का जखीरा बरामद हुआ।
घर में रखी फाइलें, जांच में होती थी देरी
निरीक्षण के दौरान यह साफ हुआ कि कानूनगो अशरफ अली तहसील से संबंधित फाइलें घर पर रखते थे और वहीं से रिपोर्ट तैयार करते थे। इस वजह से कई मामलों की जांच में अनावश्यक देरी होती थी। ग्रामीणों और फरियादियों को समय पर न्याय न मिलने की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं।
कानूनगो पहले भी विवादों में रहे
कानूनगो अशरफ अली का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। उन पर आरोप है कि वह मौके पर जाने के बजाय घर से ही रिपोर्ट तैयार कर देते थे। इस वजह से तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे।
जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश
कमिश्नर दीपक रावत ने मौके पर ही सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी को मामले की जांच के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और फाइलों को घर में रखना गंभीर अपराध है। अब जिलाधिकारी स्तर पर विस्तृत जांच होगी और दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस
