देहरादून खबर संसार। मानव तस्करी का ग्राफ तेजी से उफान पर जी हा। खासकर उत्तराखंड में इन दिनों मानव तस्करी का ग्राफ तेजी से उप्पर को जा रहा है। क्योंकि पिछले 15 महीनो से लोगो की कमर टूट चुकी है। लोगो के पास जीवन जीने को पैसे नही है अच्छा जीवन तो बहुत दूर की बात। लोग कुंठा ग्रस्त हो रहे है। कई लोग अवसाद में आत्महत्या कर रहे है। अप्रत्यक्ष रूप से कह सकते है लोगो को अपना जीवन बड़ा ही कष्टायक लगने लगा है और फ्यूचर में क्या होंगा को लेकर अनिश्चितता है।
मानव तस्करी के बढ़ते केस को लेकर डीजीपी अशोक कुमार स्वीकार करते हुए कहते हैं कि मानव तस्करी के मामले बढ़े हैं खासकर कुमाऊं में। खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं साथ ही सभी जिला पुलिस और खुफिया एजेंसियों को मानव तस्करी को लेकर सचेत रहने के लिए कहा गया है राज्य में मानव तस्करी रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे
बताते चले कि मानव तस्करी के जो मामले पुलिस के सामने आते है वो कुल के 5 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होते। उत्तराखंड में मानव तस्करों की दखलअंदाजी बढ़ती जा रही है खासकर से लॉकडॉउन के बाद। बेरोजगारी बहुत बड़ी है इसी कारण गरीबी का प्रतिशत बढ़ा है। जिससे देह व्यापार का धंधा पनपा है। सामाजिक असमानता मजबूरी अशिक्षा गरीबी और सबसे प्रमुख बात बेहतर अय्याशी वाला जीवन जीने की लालसा। मानव तस्करी को रोज बढ़ा रहा है



