हिंदू धर्म में खरमास का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना गया है। जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं, तभी से खरमास की शुरुआत हो जाती है। शास्त्रों के अनुसार इस दौरान सूर्य का तेज कम हो जाता है, जिस कारण विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
हालांकि, यह समय भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। मान्यता है कि खरमास में किए गए दान और भक्ति से व्यक्ति को दोगुना पुण्य प्राप्त होता है।
खरमास में क्या दान करें – जानें 5 शुभ वस्तुएं
1. गुड़ का दान
पुराणों के अनुसार खरमास में गुड़ का दान अत्यंत शुभ माना गया है। जरूरतमंद लोगों को गुड़ दान करने से कुंडली में कमजोर सूर्य मजबूत होता है। साथ ही यह बृहस्पति ग्रह को भी शुभ प्रभाव देता है। जिन जातकों की कुंडली में गुरु कमजोर हो, उन्हें विशेष रूप से गुड़ का दान करना चाहिए।
2. तिल का दान
खरमास में तिल का दान करने से पापों का नाश होता है। वैसे तो काले या सफेद तिल का दान किया जा सकता है, लेकिन लाल तिल का दान सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यह दान जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है।
3. गर्म कपड़े और कंबल
सर्दियों के इस महीने में जरूरतमंदों को गर्म कपड़े और कंबल दान करना अत्यंत पुण्यदायी होता है। इससे सूर्य और गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
4. नमक का दान
नमक का दान महादान कहा गया है। इससे चंद्रमा के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और कई प्रकार के दोषों से मुक्ति मिलती है। नमक का संबंध सूर्य से भी माना गया है।
5. रुई और पूजा की बत्तियां
खरमास में रुई या रुई से बनी पूजा की बत्तियों का दान मंदिर में करना शुभ होता है। इससे मानसिक शांति और धार्मिक लाभ प्राप्त होता है।
खरमास में दान का महत्व क्यों है खास
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास में किया गया दान सामान्य दिनों की तुलना में दोगुना फल देता है। इस समय भगवान विष्णु की पूजा और दान करने से कुंडली में सूर्य और गुरु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और जीवन में धन-ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
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