नई दिल्ली, खबर संसार। पौधों का वास्तु शास्त्र से गहरा संबंध है। वास्तु शास्त्र में घर के हर कमरे, किचन, बॉथरूम, स्टडी रूम, गार्डन आदि की दिशा बताने के साथ-साथ प्लांट्स के बारे में बताया गया है।
पौधों का चुनाव, उन्हें रखने की सही दिशा और उनसे जुड़े उपाय उस जगह पर सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा का कारण बनते हैं। ऐसे में घर में प्लांट्स रखने को लेकर बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।
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सेहत पर बुरा असर डालते हैं ये पौधे
घर के बाहर या अंदर पौधे लगाते समय वास्तु शास्त्र के कुछ नियमों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। वरना पैसे, सम्मान, सेहत, रिश्तों आदि से जुड़े नुकसान झेलने पड़ते हैं।
- हिंदू धर्म में बरगद और पीपल के पेड़ को बहुत शुभ माना गया है लेकिन ये पेड़ घर में होना कई मुसीबतों-दुखों का कारण बनते हैं। ये पेड़ मंदिर या सार्वजनिक स्थान पर ही लगाना चाहिए।
- घर के अंदर या बाहर पेड़-पौधों का होना सकारात्मकता लाता है, हवा को शुद्ध रखता है। लेकिन गलत जगह पर लगा पेड़-पौधा नुकसान कराता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर के ठीक सामने या बीच में कभी भी कोई पेड़-पौधा नहीं लगाना चाहिए। इससे जीवन ढेरों परेशानियों से घिर जाता है।
- वास्तु शास्त्र के मुताबिक फलदार पेड़ जैसे आम, जामुन, केला, दूधिया पेड़ जैसे महुआ, पीपल और कांटेदार पेड़ जैसे बबूल, बेर आदि घर के आंगन में नहीं लगाना चाहिए।
- घर में गलती से भी ऐसे पेड़-पौधे न लगाएं जिनसे दूध निकलता हो। ऐसे पेड़ घर के लोगों की सेहत पर बुरा असर डालते हैं और हमेशा अस्पताल के चक्कर लगते रहते हैं।
- कांटेदार पौधे भी घर में न लगाएं ये घर के लोगों की तरक्की नहीं होने देते और घर में बार-बार झगड़ों का कारण बनते है।
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