Wednesday, November 30, 2022
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Svez nahar में फँसे जहाज़ के कारण तेल के दाम बढ़े

मिस्र की Svez nahar में रेत में फँसे मालवाहक जहाज़ के चलते जहाज़ों की आवाजाही ठप्प हो गई है। इस जाम से दुनिया में कच्चे तेल की आपूर्ति के बाधित होने की आशंका पैदा हो गई है। इस कारण कच्चा तेल बुधवार को क़रीब पांच फ़ीसदी महंगा हो गया।

इस बीच मिस्र ने स्वेज़ नहर (Svez nahar) के पुराने चैनल को फिर से खोल दिया है ताकि रेत में फँसे जहाज़ के निकलने तक कुछ दूसरे जहाज़ों को निकलने का रास्ता मिल सके।

जहाज को निकालनेे में लग सकते है कई दिन लग सकते

स्वेज़ नहर अथॉरिटी के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि एवर गिवेन को निकालने में कई दिन लग सकते हैं। 400 मीटर लंबे और 59 मीटर चौड़े या फ़ुटबॉल के चार मैदान जितने बड़े इस जहाज़ को खींचने के लिए आठ नावों के अलावा रेत की ख़ुदाई करने वाली मशीनें भी काम में जुटी हैं।

वहीं जहाज़ की मालिक कंपनी बीएसएम ने इस बात से इनकार किया है कि उनका जहाज़ रेत से बाहर निकल गया है। कंपनी ने यह भी बताया कि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और किसी को कोई शारीरिक नुक़सान नहीं हुआ है।

यह घटना मंगलवार सुबह 7:40 बजे स्वेज़ बंदरगाह के उत्तर में हुई। फँसने वाला जहाज़ चीन से नीदरलैंड्स के बंदरगाह शहर रोटेरडम जा रहा था। पनामा में रजिस्टर्ड यह जहाज़ उत्तर में भूमध्यसागर की ओर जाते समय स्वेज़ नहर (Svez nahar) से होकर गुज़र रहा था।

बताया गया है कि 2018 में बने और ताइवान की ट्रांसपोर्ट कंपनी एवरग्रीन मरीन की ओर से संचालित यह जहाज़ तेज हवा के चलते नियंत्रण खोने से वहाँ फँस गया। इस कारण वहाँ से गुज़र रहे कई जहाज़ों का रास्ता रूक गया।

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मंगलवार को इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर पोस्ट की गई है। इस तस्वीर के बारे में कहा जा रहा है कि इसे एवर गिवेन के पीछे आ रहे दूसरे मालवाहक जहाज़ द मेर्स्क डेनवर से लिया गया है। तस्वीर में फँसा हुआ जहाज़ देखा जा सकता है और साथ ही नहर के किनारे बालू निकालने वाला छोटा सा यंत्र भी देखा जा सकता है।

अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना राज्य में स्थित समुद्री इतिहासकार डॉक्टर साल मर्कोग्लियानो ने बीबीसी को बताया कि इस तरह की घटनाएँ दुर्लभ हैं, लेकिन वैश्विक व्यापार पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.

उन्होंने बताया कि स्वेज़ नहर (Svez nahar) में फँसने वाले ये सबसे बड़ा जहाज़ है। उन्होंने ये भी कहा कि ये जहाज़ किनारे आकर फँस गया और इसने अपना पावर खो दिया और फिर जहाज़ वहाँ से चल नहीं पाया। उन्होंने कहा कि अगर जहाज़ को वहाँ से नहीं निकाला गया, तो उन्हें जहाज़ पर लदे सामान को निकालना पड़ेगा।

इससे पहले 2017 में भी एक जापानी जहाज़ ने स्वेज़ नहर का रास्ता रोक दिया था. लेकिन मिस्र ने इसे निकालने के लिए कई जहाज़ तैनात करके कुछ ही घंटों में उसे वहाँ से हटा दिया था।

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