मुंबई खबर संसार। समीर फंसते दिख रहे हैं! निकाह को लेकर काजी का बड़ा बयान! जी हा समीर वानखेड़े के निकाह को लेकर काजी मुजम्मिल अहमद भी सामने आ गए हैं उन्होंने कहा 2006 में मैंने निकाह पढ़ाया था और यह निकाहनामा बिल्कुल सही है और मुस्लिम विवाह तभी होता है जब दोनों परिवार मुस्लिम हो । उनके परिवार मुस्लिम न हो उसके बिना निकाह संभव ही नहीं है ।
उन्होंने बताया कि निकाह सही है इसमें मेरे साइन भी हैं उस वक्त शबाना जो की पहली पत्नी शबाना डॉक्टर है सब मुसलमान थे का जी बोले अगर समीर हिंदू को तो होता ही नहीं क्योंकि शरीयत के हिसाब से ऐसा नहीं हो सकता शरीयत के खिलाफ जाकर का जीने का नहीं पड़ता आज वह कुछ भी कहे उस वक्त समीर मुसलमान थे काजी ने कहा कि 2006 में बड़ी सी जगह पर शादी हुई थी जिसमें करीब 2000 लोग दावत में भी शामिल हुए थे कई बड़े-बड़े लोग भी थे यानी कि राजी खुशी मामला था काजी ने कहा कि मैंने पहुंचा दिया गया था कैसे हुआ था अधिकारी नहीं थे
निका नामा 2006 में 7 दिसंबर गुरुवार को रात 8:00 बजे समीर दाऊद वानखेड़े और शबाना कुरैशी के बीच हुआ था यह निगम मुंबई के अंधेरी वेस्ट लोखंडवाला कंपलेक्स में हुआ था इस पर महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक ने ट्वीट लिखा कि निशा में ₹35000 मैहर के रूप में अदा की गई थी रकम इसमें गवा नंबर दो अजीज खान थे या यास्मीन दाऊद वानखेड़े के पति है जोकि दा समीर दाऊद वानखेड़े की बहन है



