नई दिल्ली। अब राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करना थोड़ा सस्ता होगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने उन हाइवे खंडों पर टोल शुल्क में 50% तक की कटौती कर दी है, जिनमें सुरंगें, पुल, फ्लाईओवर या एलिवेटेड सड़कें शामिल हैं। मंत्रालय ने बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (संधोधन) नियम, 2025 अधिसूचित किए, जिसमें टोल गणना का नया फॉर्मूला लागू किया गया है।
नई गणना: किसे मिलेगा फायदा?
नए नियमों के तहत, जिन हाईवे खंडों पर बड़ी संरचनाएं (जैसे सुरंग या पुल) हैं, वहां टोल की गणना अब पुराने फॉर्मूले से अलग होगी। मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, ऐसे खंडों पर उपयोगकर्ता शुल्क की गणना इस तरह होगी — संरचना की लंबाई को छोड़कर शेष खंड की लंबाई में संरचना की लंबाई का 10 गुना, या फिर खंड की कुल लंबाई का 5 गुना, इनमें से जो भी कम हो, उसी के हिसाब से टोल तय किया जाएगा।
अब क्यों बदला नियम?
फिलहाल नियमों के मुताबिक, हर किलोमीटर संरचना पर यात्रियों से नियमित टोल का 10 गुना वसूला जाता है। इसका उद्देश्य उन महंगे बुनियादी ढांचों की लागत निकालना था। लेकिन अब मंत्रालय ने लागत में राहत और यात्री हितों को ध्यान में रखते हुए टोल दरों में कमी का फैसला लिया। एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “फ्लाईओवर, अंडरपास और सुरंगों के लिए अब दरों में लगभग 50% की कटौती की गई है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।”
कब से होगा लागू?
नए संशोधित नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इससे उन मार्गों पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों को सीधा फायदा होगा, जहां बड़ी संरचनाएं बनी हुई हैं।
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