खबर संसार हल्द्वानी.अयोध्या नगरी से बारात ढोलबाजों के साथ पूरे नगर में भ्रमण करती हुई जनकपुरी में आगमन होता है बारतियों का पारम्परिक तरीके से स्वागत सत्कार होता है. इससे पूर्व आज श्री रामलीला मैदान में लीला के पांचवें दिन अहिल्या उद्धार, धनुष यज्ञ ,लक्ष्मण -परशुराम संवाद तथा श्री राम सीता विवाह की लीला का सुंदर मंचन कलाकारों द्वारा व्यास पुष्कर दत्त शास्त्री के निर्देशन में किया गया और रात्रि लीला में श्री गणेश पूजा ,नारद मोह रावण कुंभकरण विभीषण तपस्या का मंचन श्री बृजेशवरि लीला मंडल वृंदावन द्वारा किया गया ।
श्री रामलीला संचालन समिति की सहयोगी संस्था प्राचीन श्री शिव मंदिर समिति द्वारा श्री राम बारात का आयोजन बहुत ही भव्य तरीके से किया गया जिसमें अयोध्या नगरी से बारात ढोलबाजों के साथ पूरे नगर में भ्रमण करती हुई जनकपुरी मे आती है। मिथिलापुरी में बारात का भव्य स्वागत किया जाता है ।इससे पहले श्री राम जी द्वारा अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन होता है तत्पश्चाप जनक जी के दरबार में गुरु वशिष्ठ की आज्ञा पाकर शिव जी के प्राचीन धनुष को तोड़कर भगवान राम ने सीता स्वयंवर के लिए जनक जी की शर्त का पालन किया।
जैसे ही शिव धनुष को तोड़ने की आवाज आती है परशुराम ऋषि क्रोध से लाल हो उठते हैं और विवाह स्थल पर पहुंचकर धनुष टूटा देखकर कहते हैं” किसने तोड़ा शिव धुन भारी, बतलाओ हमको तत्काल ,नहीं पछारू सबको मारूं हो जितने यहां पर भूपाल ।। परशुराम जी के क्रोध को देखकर भगवान राम अपने आसन से उठते हैं और कहते हैं “नाथ शंभु धनु भंजन हारा, होयहि कोउ एक दास तुम्हारा” ही नाथ जिसने भी यह धनुष तोड़ा है वह आप ही का कोई दास होगा, भगवान राम के वचनों को सुनकर परशुराम जी और क्रोधित होते हैं और कहते हैं “सुनो राम जेहि शिव धुन तोरा सहसिबाहु सन सो रिपु मोरा” भगवान राम और परशुराम जी के संवाद को सुनकर लक्ष्मण जी हंसते हुए कहते हैं हे ऋषिवर यह धनुष तो बहुत पुराना था भ्राता श्रीराम ने इसे जैसे ही उठाया यह टूट गया,और आप तो भृगुकुल शिरोमणि हैं इस पुराने धनुष के लिए आप इतना क्रोध क्यों कर रहे हैं, आपके मुख से एसी बाते शोभा नहीं देतीं हैं। लक्ष्मण जी की बात सुनकर परशुराम जी और क्रोधित हो उठते हैं और कहते है अरे तू नादान बालक मुझे मुनि समझ रहा है ये धनुष वाण दिखा कर मुझे डराना चाहता है,तुझे क्या पता कि मैंने अपनी इस कुल्हाड़ी से कितने को सबक सिखाया है.विवाद बढ़ता देख मुनि विशिष्ट जी द्वारा राम लक्ष्मण का परिचय कराया जाता है, परशुराम जी भगवान को पहचान कर शांत होते हैं दोनों भाइयों द्वारा दण्डवत प्रणाम किया जाता है और ऋषि परशुराम दोनों को आशीर्वाद दे कर वहां से प्रस्थान करते हैं । महाराज दशरथ जी भरत जी एवं शत्रुघ्न जी के साथ जनकपुरी पहुंचते हैं और श्री राम सीता स्वयंवर संपन्न होता है । संचालन समिति से रिसीवर और सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ,स्वर्ण लाल सदाना, विवेक कश्यप, भवानी शंकर नीरज,तनुज गुप्ता,मनोज गुप्ता,अतुल अग्रवाल, योगेश शर्मा, तरंग अग्रवाल आदि रहे आज की लीला में ओबीसी मोर्चा भाजपा, जिला नैनीतालऔर देवभूमि फरमाशिस्ट एसोसियेशन आदि संस्थाओं ने सहयोग किया तथा ग्राउंड की व्यवस्थाओं में अतुल जायसवाल,संजय गोयल, सुशील शर्मा, नवीन, वरुण देव,तुषार सोनकर, अक्षय बोरा,विनीत देवल आदि ने सहयोग किया, बरात के लिए स्वागत भोज की व्यवस्था वरिष्ठ सदस्य बसंत अग्रवाल द्वारा की गई। रामलीला संचालन समिति के सदस्य वेद प्रकाश अग्रवाल एवं राजेंद्र अग्रवाल मुन्ना ने बताया की कल दिनांक 16 अक्टूबर को दिन की लीला में राज्याभिषेक घोषणा, केकई संवाद तथा श्री राम वन गमन की लीला का मंचन किया जाएगा तथा रात्रि लीला में श्री राम जन्म, विश्वामित्र आगमन तथा ताड़का वध का मंचन किया जाएगा ।आज राम सीता स्वयंवर में केंद्रीय रक्षा एवम पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट, विधायक कालाढूंगी बंशीधर भगत, विधायक लालकुआं मोहन बिष्ट मेयर जोगेंद्र रौतेला, एसडीएम परितोष वर्मा , नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय,भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, वरिष्ठ समाज सेवी गोपाल पाल, प्रमोद तोलिया,प्रताप बोरा,असीम सिंघल, गुंजन सिंघल, मीनू गुप्ता,नेहा पाल, सीमा देवल, देवेश अग्रवाल , सरदार सतेंद्र सिंह सम्मी आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.






