जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में 22 दिनों बाद तीर्थयात्रा फिर से शुरू हो गई है। भारी बारिश और लगातार भूस्खलन की वजह से यात्रा को रोक दिया गया था। जैसे ही यात्रा बहाल हुई, कटरा में रुके हुए हजारों श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई।
भक्तों की खुशी का ठिकाना नहीं
नागपुर से आए एक श्रद्धालु ने कहा कि वह चार दिन से इंतज़ार कर रहे थे। उनके टिकट 20 तारीख के थे, जिन्हें रद्द करना पड़ता, लेकिन यात्रा शुरू होने की सूचना ने उन्हें बेहद खुश कर दिया।
इसी तरह नागपुर के उमेश ने बताया कि यह उनके जीवन का सौभाग्य है। उनका कहना था कि माता रानी बस नाराज़ थीं, लेकिन अब दर्शन का अवसर मिलना उनके लिए आशीर्वाद है।
लंबा इंतज़ार हुआ खत्म
अंडमान से आए हर्षल ने कहा कि उन्होंने वापसी के टिकट भी रद्द कर दिए थे, ताकि माता के दरबार में हाजिरी लगा सकें। उनके अनुसार, यात्रा बहाल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
क्यों रुकी थी यात्रा?
14 सितंबर से शुरू होने वाली यात्रा लगातार खराब मौसम के कारण बाधित रही। पहाड़ियों पर भूस्खलन और भवन मार्ग पर बारिश से हालात बिगड़े। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए यात्रा रोक दी थी। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी कई जगह भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई। 22 दिनों की लंबी प्रतीक्षा के बाद माता वैष्णो देवी यात्रा का फिर से शुरू होना श्रद्धालुओं के लिए आस्था और उत्साह का बड़ा अवसर है। भक्त अब माता के दरबार में पहुँचकर अपनी मनोकामनाएँ पूरी करने की प्रार्थना कर रहे हैं।
इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस


