खबर संसार देहरादून। जनता की सेवा को व्याकुल नेताओ की संपत्ति दुगनी,चारगुनी कैसे!जी हा विधायक के लिए नामांकन के समय रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष दर्ज आंकड़े बोलने लगे है। और अधिकांश के 2 दिन और बोलेंगे।
सेवा को व्याकुल नेताओ की संपत्ति दुगनी,चारगुनी केसे!
नैनीताल से विधायक का पर्चा कांग्रेस की और से भरा। पहले यानी 2017 में उनकी 1करोड़ 25 लाख चल संपति थी, जो अब 2.42 करोड़ हो गई है। उनकी 1.75 करोड़ अचल संपत्ति भी अब 3.35 करोड़ हो गई है।इसी तरह पिथौरागढ़ की भाजपा विधायक चंद्रा पंत के पास 2019 में उपचुनाव के दौरान 3.28 करोड़ की चल-अचल संपत्ति थी। जो अब 4.53 करोड़ रुपये पहुंच गई है। कांग्रेस प्रत्याशी मयूख महर के पास वर्ष 2017 में 3. 99 करोड़ की चल अचल संपत्ति थी। यह घटकर 3.16 करोड़ रह गई है। बाजपुर से कांग्रेस प्रत्याशी यशपाल आर्य की 2017 में कुल चल अचल संपत्ति 9.75 करोड़ रुपये थी, जो अब 15.49 करोड़ रुपये पहुंच गई है।
बताते चले की चुनाव में नामांकन के दौरान प्रत्याशियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देना होता है। इस बार देखा जाए तो नेताओं की पिछले पांच सालों में कई गुना संपत्ति बढ़ी है।
नामांकन के दौरान रिटनर्निंग ऑफिसर के समक्ष दर्ज आंकड़ों के मुताबिक रामनगरके भाजपा विधायक दीवान सिंह बिष्ट की 2017 में चल अचल संपत्ति 1.70 करोड़ रुपये थी। जो 2022 में 3.26 करोड़ रुपये पहुंच गई है। नैनीताल से कांग्रेस प्रत्याशी संजीव आर्य की 2017 में 60 लाख
