खबर संसार देहरादून.तो उत्तराखंड में इसी साल दिसंबर में हो जायेंगे चुनाव!, जी हा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोव और मणिपुर में विधानसभा चुनाव इसी साल नवंबर-दिसंबर महीने में हो सकते हैं। दरअसल अगले साल फरवरी में प्रस्तावित जनगणना के दूसरे चरण में बाधा नहीं आने देने के लिए केंद्र सरकार इन राज्यों में फरवरी-मार्च से पहले चुनाव कराने पर। पर विचार कर रही है। भाजपा नेतृत्व ने तो इस संबंध में सभी राज्य इकाईयों को आगाह करते हुए चुनावी तैयारियों को इसी महीने अंतिम रूप देने का निर्देश भी दे दिया है। हां, इस संबंध में उत्तराखंड को राहत मिल सकती है। दरअसल इन राज्यों में अगले साल फरवरी-मार्च में चुनाव प्रस्तावित हैं। मुश्किल यह है कि इसी दौरान जनगणना का दूसरा चरण शुरू होना है जो 9 फरवरी से 28 फरवरी तक चलेगा। इस
समय से पहले चुनाव के लिए भाजपा ने नेताओं को किया अलर्ट
दौरान राज्य के कर्मचारी इसके तहत इसके लिए यूपी में कम से कम 5.5 लाख, सामाजिक और आर्थिक जानकारी करेंगे। उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा में 50-50 हजार, पंजाब में दो लाख सरकारी कर्मचारियों की. जरूरत पड़ेगी। ऐसे में चुनावी के लिए कर्मचारियों कर्मचारियों की जरूरत पूरी नहीं हो सकेगी।हैं तो इसके अंतिम मतदाता सूची नहीं है बाधा : चुनाव आयोग के सूत्रों ने सरकार की ओर से इन राज्यों में जल्द चुनाव कराने की सूचना मिलने से इंकार किया। हालांकि सूत्र ने कहा कि अगर नवंबर में चुनाव होते हैं त लिए मतदाता सूची बाधा नहीं बनेगी। वह इसलिए कि इन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जरूरत पड़ने पर जनवरी में तैयार होने वाली अंतिम मतदाता सूची को तय समय से तीन महीने पहले ही अंतिम रूप दिया जा सकता है
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब इकाई से पुष्टि भाजपा के तीन राज्यों के इकाई ने की। जुड़े सूत्रों ने बताया कि नेतृत्व ने जल्द चुनाव के के लिए तैयार रहने और इसके लिए बूथ कमेटियों कमेटियों को अंतिम रूप देने, संगठन की नियुक्तियां पूरी करने समेत सभी चुनावों को जुलाई के पहले सप्ताह तक अंतिम रूप देने के लिए कहा है। हालांकि उत्तराखंड राज्य इकाई के सूत्र ने कहा यहां पहाड़ी इलाकों में दूसरे चरण को जनगणना कि कि चूंकि सितंबर में ही हो जाएगी, ऐसे में इस राज्य को जल्द चुनाव से छूट मिल सकती है। विपक्ष में भी हलचल : जल्द चुनाव की संभावनाओं के मद्देनजर विपक्षी खेमे में भी हलचल है। बीते सोमवार को की बैठक में इन विपक्षी इंडिया ब्लॉक की है संभावनाओं पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के बीच बातचीत भी हुई।

