नैनीताल, खबर संसार। गौरतलब है कि विगत वर्षाे की आपदा को देखते हुए लोगों के प्रति संजीदा जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने भविष्य में आने वाली disaster से प्रभावित लोगो को निजात दिलाने की कवायद शुरू की।
आपदा के समय disaster से बचाव सबसे पहले स्थानीय लोगों द्वारा शुरू किया जाता है। इसके लिए जिलाधिकारी ने दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण करने की कवायद शुरू कर दी है। जिसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर समस्त दैवीय आपदा के उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
disaster एक जो ऐसी ताकतों द्वारा घटित होती है मानव नियंत्रण मे नही होती
उन्होंने कहा disaster एक जो ऐसी ताकतों द्वारा घटित होती है मानव नियंत्रण मे नही होती है। वह थोडे समय में बिना चेतावनी के घटित होती है। जिससे बडे पैमाने पर जानमाल का नुकसान होता है। हमें इससे निपटने के लिए आपाताकालीन सेवाओं की अपेक्षा अधिक प्रयत्न करने पडेंगे।
इसके लिए हमें ग्राम स्तर पर लोगों को ट्रेंनिग देना निहायत जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा आपदा आने से सर्वप्रथम प्रभावित क्षेत्रों मे वहां निवास कर रहे लोग ही पहुचते है। इसके लिए हमें जनपद के दूरस्थ आपदा ग्रस्त क्षेत्र के लोगों को अधिक से अधिक संख्या में आपदा से जानमाल का बचाव हेतु टेनिंग देना जरूरी हो गया है।
ग्राम पंचायत स्तर पर लोगों को टेªनिंग के दौरान सूचनातंत्र सुदृढ़ करना कर कमजोर बिन्दुओं को चिन्हित कर आपदा प्रबंधन लक्ष्यों का परिपालन करना एवं राहत कार्य कर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पहुंचाना लक्ष्य होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने इसके लिए जनपद के सभी disaster ग्रस्त क्षेत्रो के उपजिलाधिकारी को निर्देश दिये है कि क्षेत्र के संवदेनशील व अतिसंवेदनशील आपदा के दृष्टि से दूरस्थ क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थान चिन्हित करने, लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा आपदा से बचाव हेतु प्रशासन के साथ ही आम नागरिक की सहभागिता बेहद जरूरी है तभी हम अपने मुकाम में कामयाब हो सकते हैं।
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