उत्तर प्रदेश में पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया आसान बनाने की पहल की जा रही है। अब उन्हें इस काम के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। पेंशनभोगी आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन की मदद से अपने स्मार्टफोन के जरिए घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे।
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान की समीक्षा करते हुए इस तकनीक का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और पेंशनभोगियों को इसके प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पेंशनभोगियों तक इस सुविधा की जानकारी पहुंचाना है।
जीवन प्रमाणपत्र के लिए डाउनलोड करने होंगे दो ऐप
डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए पेंशनभोगियों को अपने स्मार्टफोन में ‘जीवन प्रमाण’ और ‘आधार फेस आरडी’ ऐप डाउनलोड करने होंगे। इसके बाद आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा किया जा सकेगा।
इस सुविधा के बारे में अधिक से अधिक पेंशनभोगियों को जानकारी देने पर जोर दिया गया है, ताकि वे घर बैठे इस तकनीक का लाभ उठा सकें।
1 से 30 नवंबर तक आयोजित होंगे विशेष शिविर
मुख्य सचिव ने विशेष रूप से उन पेंशनभोगियों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं, जो अभी तक मैन्युअल तरीके से जीवन प्रमाणपत्र जमा करते हैं। इसके लिए 1 नवंबर से 30 नवंबर तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया और इसके इस्तेमाल के बारे में जागरूक किया जाएगा।
जल संचय और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की भी समीक्षा
समीक्षा बैठक में ‘जल संचय जन भागीदारी–कैच द रेन 2026’ अभियान पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारियों (डीएम) और मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) को अभियान की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
इसके अलावा, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रगति की समीक्षा जिला स्वास्थ्य समिति की बैठकों में नियमित रूप से की जाएगी। पात्र नागरिकों की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (ABHA) आईडी बनाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पेंशनभोगियों के लिए जरूरी जानकारी
- उत्तर प्रदेश में पेंशनभोगी घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकेंगे।
- इसके लिए आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा उपलब्ध होगी।
- पेंशनभोगी अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर सकेंगे।
- ‘जीवन प्रमाण’ ऐप डाउनलोड करना होगा।
- ‘आधार फेस आरडी’ ऐप भी डाउनलोड करना होगा।
- मुख्य सचिव एसपी गोयल ने जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
- 1 नवंबर से 30 नवंबर तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।
- शिविरों में मैन्युअल तरीके से प्रमाणपत्र जमा करने वाले पेंशनभोगियों को जागरूक किया जाएगा।
- ‘जल संचय जन भागीदारी–कैच द रेन 2026’ अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी।
- आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत पात्र नागरिकों की ABHA आईडी बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
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