खबर संसार, नई दिल्ली: विजय दशमी पर paan खाना क्यों है जरूरी, जानिए महत्व, विजय दशमी अर्थात बुराई पर अच्छाई की जीत। दशहरे के दिन पर भगवान राम, लक्ष्णम, सीता, हनुमान जी, माता दुर्गा, अपराजिता देवी, शस्त्र, ग्रंथ, औजार और शमी वृक्ष का पूजन किया जाता है। और हनुमान जी पर भी पान का वीणा चढ़ाया जाता है। जिससे उनका आशीर्वाद हम पर सदैव बना रहे। दशहरे के दिन पान खाने से घर में सुख-शांति और संपन्नता आती है। विजय दशमी पर paan खाना बेहद ही शुभ और अच्छा माना गया है।
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विजय दशमी पर नया वाहन खरीदना और नये वस्त्र धारण करना बहुत ही शुभ माना गया है। जैसा कि हम सभी जानते है कि राम और रावण का युद्ध अश्विन शुक्ल पक्ष की तृतीया को प्रारंभ हुआ था और दशमी को यह युद्ध समाप्त हुआ था। इसलिए ये पर्व विजय दशमी के रूप में मनाया जाता है। लेकिन राम-रावण युद्ध कुल 32 दिन चला था। भगवान राम लंका में कुल 111 दिन रहे थे।
विजय दशमी पर paan खाना क्यों शुभ माना गया
पान को प्रेम और जीत का प्रतीक माना गया है। साथ ही बीड़ा शब्द का भी अपना विशेष महत्व है, जिसे कर्तव्य के रूप में बुराई पर अच्छाई की जीत से जोड़कर देखा जाता है। यही कारण है कि दशहरे पर रावण दहन के बाद paan का बीड़ा खाया जाता है। दशहरे पर पान खाने का एक कारण यह भी है कि इस समय मौसम में बदलाव होता है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पान सेहत के लिए अच्छा होता है। ऐसे में पान खाने से भोजन पचाने में आसानी होती है। पान खाने से रोगों से लड़ने की क्षमता शरीर के अंदर विकसित होती है।






