Wednesday, February 11, 2026
HomeAdministrativePUC व इंश्योरेंस के बावजूद दिल्ली में क्यों गाड़ियाें का काटा जा...

PUC व इंश्योरेंस के बावजूद दिल्ली में क्यों गाड़ियाें का काटा जा रहा है चालान

PUC व इंश्योरेंस के बावजूद दिल्ली में क्यों गाड़ियाें का काटा जा रहा है चालान जी, हां दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सरकार ने गुरुवार, 18 दिसंबर से बड़ा फैसला लिया है। अब गैर BS-6 निजी वाहनों की राजधानी में एंट्री पूरी तरह से बंद कर दी गई है। यूपी-दिल्ली और हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर ट्रैफिक पुलिस सख्ती से जांच कर रही है। अगर कोई वाहन BS-6 मानक का नहीं पाया गया तो सीधे 20,000 रुपये का भारी चालान काटा जा रहा है।

वैध कागजात होने के बावजूद परेशान वाहन मालिक

इस फैसले से कार मालिकों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि उनके पास PUC सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और रोड टैक्स जैसे सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद केवल BS-6 न होने के कारण उन्हें 20 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ रहा है। कई लोगों के लिए यह जुर्माना उनकी एक महीने की कमाई से भी ज्यादा है।

क्या दूसरे राज्य की गाड़ी ही प्रदूषण फैलाती है?

अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या सिर्फ दूसरे राज्य में रजिस्टर्ड गाड़ियां ही दिल्ली आते ही प्रदूषण फैलाने लगती हैं? लोगों का कहना है कि दिल्ली में पहले से चल रही लाखों पुरानी गाड़ियां भी उतना ही धुआं छोड़ती हैं। फिर केवल बॉर्डर से आने वाले वाहनों को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है?

बिना चेतावनी सीधे भारी चालान

दिल्ली सरकार के इस फैसले पर सबसे बड़ा आरोप यह लग रहा है कि इसमें न तो कोई पूर्व चेतावनी दी गई और न ही ट्रांजिशन पीरियड रखा गया। न ही लोगों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई। अचानक नियम लागू कर सीधे 20,000 रुपये का चालान काटना क्या उचित है? यह सवाल अब आम लोगों की जुबान पर है।

BS-4 और BS-5 वाहन मालिकों को अपराधी जैसा व्यवहार

दिल्ली-NCR क्षेत्र में रोज़ाना गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद से लाखों लोग काम, इलाज और व्यापार के लिए दिल्ली आते हैं। इनमें बड़ी संख्या BS-4 और BS-5 वाहन चलाने वालों की है। उनके पास सभी वैध कागजात होने के बावजूद उन्हें दिल्ली में घुसते ही अपराधी की तरह ट्रीट किया जा रहा है।

प्रदूषण नियंत्रण या जनता पर दबाव?

सरकार का कहना है कि यह कदम हवा को साफ करने के लिए उठाया गया है, लेकिन जनता का मानना है कि बिना तैयारी के लागू की गई यह सख्ती आम लोगों पर आर्थिक दबाव बना रही है। अब देखना होगा कि सरकार इस फैसले पर कोई राहत या संशोधन करती है या नहीं।


इसे भी पढ़े- पवन खेड़ा की कोर्ट में होगी पेशी, ट्रांजिट रिमांड पर असम ले जाएगी पुलिस

RELATED ARTICLES
-Advertisement-spot_img
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-
-Advertisement-

Most Popular

About Khabar Sansar

Khabar Sansar (Khabarsansar) is Uttarakhand No.1 Hindi News Portal. We publish Local and State News, National News, World News & more from all over the strength.