खबर संसार, नई दिल्ली : 1 Oct से बदल जाएंगे नौकरी के नियम, जानिए क्या होंगे फायदे और नुकसान, क्योंकि अब जल्द ही केन्द्र सरकार लेबर कोड के अनुसार कर्मचारियों के काम के घंटे बढा़कार 8 से 12 कर सकती है। साथ ही सरकारी व प्राइवेट कर्मियों को अपना वेतन और फंड में बदलाव होने जा रहा है। आइए जानते हैं 1 Oct से ऑफिस के काम के घंटे कैसे बदल जाएंगे।
1 Oct से 12 घंटे की हो सकती है नौकरी
1 Oct से नये कानून में कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 8 की जगह 12 करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। लेकिन लेबर यूनियन 12 घंटे नौकरी करने का लगातार विरोध कर रही हैं।
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सप्ताह में 3 दिन छुट्टी का प्रावधान
1 Oct से 12 घंटे काम के साथ ही सप्ताह में 3 दिन की छुट्टी का भी प्रावधान है। लेबर कोड के अनुसार ये नियम 1 अक्टूबर से लागू होने जा रहे हैं। इसके लिए आपको सप्ताह भर में 48 घंटे ही काम करना होगा। काम के घंटे ऑफिस, कंपनी और कर्मचारी मिलकर तय करेंगे। ये कंपनी को तय करना है कि कर्मचारी से 6 दिन काम कराना चाहती है, 5 दिन या 4 दिन या फिर रोजाना के काम के घंटों के आधार पर तय होगा।
30 मिनट पर भी मिलेगा ओवरटाइम
मौजूदा नियम में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम योग्य नहीं माना जाता है। ड्राफ्ट नियमों में किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम कराने की मनाही है। 1 अक्टूबर से कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधा घंटे का ब्रेक देना जरूरी है।
घटेगा वेतन, बढ़ेगा फंड
नए रूल के अनुसार, मूल वेतन , कुल वेतन का 50 फीसदी या अधिक होना चाहिए। बेसिक सैलरी बढ़ने से पीएफ और ग्रेच्युटी के लिए कटने वाला पैसा बढ़ जाएगा क्योंकि इसमें जानें वाला पैसा बेसिक सैलरी के अनुपात में होता है। इससे आपके घर आने वाली सैलरी घट जाएगी, लेकिन रिटायरमेंट पर मिलने वाला पीएफ और ग्रेच्युटी का पैसा बढ़ जाएगा।



