खबर संसार नई दिल्ली: 68 साल बाद फिर आ गई टाटा के हाथों में Air India की कमान, एयर इंडिया में हिस्सेदारी बेचने के लिए सरकारी कम्पनी ने फाइनेंशियल बोली लगाई थी। जिससे टाटा संस की ओर से सबसे ज्यादा कीमत रही। जिसक चले एयर इंडिया की कमान अब टाटा के हाथों में आ गई। बता दें कि 2020 में सरकार ने एयर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की घोषणा की थी।
Air India के लिए टाटा संस और स्पाइसजेट ने लगाई थी बोली
कंपनी पर कुल संचित कर 60,000 करोड़ रुपए का बोझ पड़ जाने से ये कम्पनी घाटे में चल रही थी। आंकड़ों के मुताबिक, एयर इंडिया पर कुल 38,366.39 करोड़ रुपये का कर्ज है। सरकार इसके लिए प्रयासरत थी। मिली जानकारी अनुसार, एयर इंडिया के लिए पैनल ने टाटा ग्रुप को चुन लिया है। Air India के लिए टाटा संस और स्पाइसजेट अजय सिंह ने बोली लगाई थी। दिसंबर तक टाटा को एयर इंडिया का मालिकाना हक मिल सकता है।
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बता दें कि इसके पहले 1932 में टाटा कम्पनी के संस्थापक जेआडी टाटा ने एयर इंडिया कम्पनी बनाई थी। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 29 जुलाई 1946 को जब फिर विमान सेवाएं बहाल हुईं, तो सरकार ने उसकी 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदकर टाटा एयरलाइंस का नाम बदलकर Air India इंटरनेशनल लिमिटेड रखा गया। इसके बाद इसका 1953 में राष्ट्रीयकरण हो गया था।
इस तरह टाटा ग्रुप ने एक बार फिर 68 साल बाद अपनी ही कंपनी को वापस पा लिया है। आपको बता दें कि सरकार ने संसद में कहा था कि गाइडेंस के आधार पर एयर इंडिया कर्मचारियों के हितों का सरकार पूरा ध्यान रखेगी। उन्हें कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्हें पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा।



