खबर संसार, मुंबई। 8 करोड़ रिश्वत के आरोप लगने पर समीर ने लगाई Mumbai Police से गुहार ! हालाकि समीर ने ऐसे आरोप को निराधार बताया है। जी हां ये अरोप लगाया है एक गवाह ने इसके बाद मंबई पुलिस द्वारा समीर पर शिकंजा कसने की आशंका तेज हो गई है। इसके जवाब में एनसीबी के जोनल निदेशक समीर वानखेड़ें ने Mumbai Police आयुक्त को बचाव में पत्र लिखा है।
समीर ने पत्र लिखकर लगाई गुहार न करे मुझ पर कोई कार्यवाही! जी हा कुछ दिनो से सुर्खियों में आए एनसीबी के जोनल निदेशक समीर बांखेडे अब गुहार की मुद्रा में आ गए है। उन पर 8 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप लगा है और इस बात की गवाही उनकी टीम का एक अंगरक्षक देने को तैयार है
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Mumbai Police से मांगी मदद
बताते चलें कि फिल्म स्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन ड्रग्स केस में लगातार एनसीबी के शिकंजे में कसते चले जा रहे है और इन सबका जिम्मेदार एनसीबी के जोनल निदेशक समीर वानखेडे को बताया जा रहा है। पिछले दिनों नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े ने एक क्रूज शिप रेव पार्टी पर छापेमारी में एक गवाह के खुलासे से बौखलाकर संभावित कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए रविवार को पुलिस से मदद मांगी। Mumbai Police आयुक्त (हेमंत नागराले) को लिखे एक पत्र में वानखेड़े ने दावा किया कि उन्हें पता चला है कि उन्हें गलत तरीके से फंसाने के लिए कुछ कानूनी कार्रवाई की गई। कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने 2 अक्टूबर को क्रूजर पर छापे की योजना बनाई थी।
गलत उद्देश्यों से फंसाया जा रहा
पिछले हफ्ते राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के एक बयान का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए, एनसीबी प्रमुख ने लिखा, यह भी आपके ध्यान में लाया गया है कि सार्वजनिक मीडिया पर अधोहस्ताक्षरी के खिलाफ अत्यधिक सम्मानजनक द्वारा जेल और बर्खास्तगी की धमकी जारी की गई है।
आईआरएस अधिकारी ने Mumbai Police प्रमुख से यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा कि इस तरह की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्हें गलत उद्देश्यों से फंसाया जा रहा है।
वानखेड़े ने पहले शहर और राज्य पुलिस में जीवन के लिए खतरे की बात कहते हुए शिकायत की थी। उन्होंने नागराले को याद दिलाया कि एनसीबी के उप महानिदेशक, दक्षिण पश्चिम क्षेत्र, मुथा अशोक जैन पहले ही नए मामले पर आवश्यक कार्रवाई के लिए एनसीबी मुख्यालय को भेज चुके हैं। एनसीबी के गवाह प्रभाकर सेल के बयानों ने सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी के सहयोगी शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस द्वारा केंद्रीय एजेंसी और वानखेड़े की आलोचना करने के साथ एक बड़ा राजनीतिक युद्ध छेड़ दिया है।


