नई दिल्ली, खबर संसार। जो दूसरे सेक्स के प्रति आकर्षित नहीं होते है बल्कि अपने ही जेंडर की ओर उनका झुकाव होता है। इनको हम गे (gay) या लेस्बियन कहते हैं। समाज में एक स्वीकार्यता ना होने के चलते ऐसे लोगों को अक्सर अपनी पहचान छुपाकर जीना पड़ता रहा है।
एलजीबीटी को लगता है कि उनके दोस्त और परिवार इसे स्वीकार नहीं करेंगे। इस वजह से समाज में गे (gay) और लेस्बियन स्ट्रेट लोगों की तरह जिंदगी जीने की कोशिश करते हैं। हालांकि कुछ ऐसी बातें होती हैं, जिससे उनके सेक्शुएल ओरिएंटेशन का पचा चलता है। इस स्टोरी में बता रहे हैं कि किसी लड़के के गे होने की क्या पहचान है।
इसे भी पढ़े−Aparna Yadav के भाजपा में जाने की खबर पर ये बोले अखिलेश यादव
गे होने का मतलब क्या है
जब एक मर्द का दूसरे आदमी से आकर्षण और सेक्सुएल रुझान हो तो उसे गे (gay) कहते हैं। किसी की महिलाओं के बजाय पुरुषों में अधिक रुचि है तो वर गे हो सकता है। गे लड़के लड़कियों से ज्यादा लड़कों के लुक्स को नोटिस करते हैं। गे लड़का किसी दूसरे लड़के को देखकर काफी अट्रैक्ट होते है।
लड़की की ओर नहीं होता आकर्षण
किसी के गे होने की सबसे बड़ी पहचान ये है कि उसका आकर्षण किसी लड़की या औरत की तरफ नहीं होता। ऐसे व्यक्ति का अपने ही समलैंगिक किसी व्यक्ति के प्रति रुझान होता है। लड़कियों के प्रति किसी भी तरह का शारीरिक आकर्षण या कामेच्छा इनमे नहीं होती। इनकी यौन इच्छाएं अपने समलैंगिक व्यक्ति से होती हैं।
सजने संवरने का होता है ज्यादा शौक- गे होने की एक पहचान लड़कियों की तरह सजना संवरना, चलने-फिरना और बातचीत का तरीका भी है। इनको लड़कियों के साथ किसी तरह की शारीरिक निकटता रखने में एक असहजता होती है।
लेस्बियन लड़कियों के साथ भी ऐसा ही होता है
जब एक महिला को दूसरी महिला से प्यार होता है उसे लेस्बियन कहते हैं। जैसे आम लड़की को किसी लड़के पर क्रश होता है और वो उसके बारे में सोचती है। ठीक उसी तरह लेस्बिन गर्ल लड़कियों के बारे में सोचती है। अगर कोई लड़की किस पार्टी या मॉल वगैरह में मर्दों की बजाय औरतों की ओर ज्यादा देखे, यहां तक की कोई हैंडसम लड़का भी उसे आसपास होने पर असर ना हो तो ये उसके लेस्बियन (gay) होने के लक्षण है।
हमारे फेसबुक पेज से जुड़ने के लिए क्लिक करें



