खबर संसार, नई दिल्ली : 24 February से नहीं कर सकेंगे मांगलिक कार्यक्रम, 15 अप्रैल होंगे शुरू, इस वर्ष 2022 में मकर संक्रांति पर मांगलिक कार्यक्रम की शुरूआत हुई थी। लेकिन अब फिर से डेढ माह के लिए मांगलिक कार्यक्रम नहीं हो सकेंगे, क्योंकि 24 February से गुरु अस्त होने जा रहा है। देवगुरु बृहस्पति शादी समेत अन्य सभी मांगलिक कार्यक्रम के कारक माने जाते हैं। इन सब कार्यों की शुरुआत के लिए गुरु ग्रह का उदय होना काफी जरूरी है। इसलिए अब 15 अप्रैल से शुभ कार्य किए जा सकेंगे।
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24 February के बाद 04 मार्च को कर सकते हैं मांगलिक कार्यक्रम
ज्योतिषियों की मानें तो बृहस्पति देव 24 February से 24 मार्च तक अस्त रहेंगें। इस दौरान सारे मांगलिक कार्यक्रम पर रोक रहेगी। इसके साथ ही इस बीच होलाष्टक लग जाएंगे और फिर उसके बाद सूर्य के मीन मलमास शुरू हो जाएंगे। इसलिए 15 अप्रैल तक कोई मांगलिक कार्य नहीं हो सकेगा। 4 मार्च को फुलेरा दूज पर कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं। गौरतलब है कि फुलेरा दूज को अबूझ मुहूर्त माना जाता है।
क्या होता है किसी ग्रह का अस्त होना
ज्योतिषियों के अनुसार 13 फरवरी को सूर्य ग्रह राशि बदलकर मकर राशि कुंभ राशि में प्रवेश कर चुका है। कुंभ राशि में गुरु ग्रह पहले से ही शामिल है। ऐसे में ज्योतिष अनुसार जब सूर्य ग्रह किसी दूसरे ग्रह के करीब जाता है तो उस ग्रह की शक्तियां कमजोर होने लगती हैं। इसे ही ग्रह का अस्त होना भी कहा जाता है। इस तरह सूर्य के करीब आने से गुरु ग्रह भी अस्त होंगे। शास्त्रों में गुरु ग्रह को शुभ कार्यों का प्रतीक तय किया गया है।



